गरीबी रेखा का राशनकार्ड धारी प्रदीप शर्मा करोड़ों की सम्पत्ति का है मालिक

0 1,608

रीवा – मध्यप्रदेश के रीवा जिले के हनुमना जनपद पंचायत के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खटखरी के निवासी प्रदीप शर्मा जो की गरीबी रेखा के राशनकार्ड धारी हैं ऐ व्यक्तिकरोड़ों की सम्पत्ति का है मलिक।

जी हाँ आप सच सुन रहे हैं प्रदीप शर्मा हनुमना जनपद के अन्तर्गत आनेवाली खटखरी ग्राम पंचायत के निवासी हैं इनका नाम गरीबी रेखा में जुड़ा हुआ है और बिधिवत सरकार की सभी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं और करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक हैं ऐ।

वही जनपद सदस्य मनोज सोनी ने बताया है कि पूर्व सरपंच और सचिव की रहमोकरम पर ऐ व्यक्ति सरकार को अब तक करोड़ों रुपए का चूना लगा चुका है।
प्रदीप शर्मा ग्राम पंचायतों में वेंडर बनकर पैसों का खेल खेल रहा है इस व्यक्ति का जी एस टी नम्बर नहीं है फर्जी वेंडर बनकर कई पंचायतों से पैसे डकार रहा है और सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व को खुद डकार रहा है।
वही श्री सोनी के द्वारा यह भी बताया गया है कि प्रदीप शर्मा के नाम पर गरीबी रेखा का राशनकार्ड बना हुआ है साथ ही ग्राम पंचायत के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान भी दिया गया है।
प्रदीप शर्मा ने अभी हाल ही में करोड़ों रुपए के कीमत की जमीन सरकारी रिकार्ड में 10 लाख की कीमत में जमीन खरीदी किया है
इसके पास खुद का टैक्टर है फोरविलर वाहन भी है इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों और पूर्व में रहे सरपंच सचिव की कृपा पर ऐ व्यक्ति अपात्र होते हुए भी सरकार की सभी योजनाओं का लाभ ले रहा है।

साथ ही जनपद पंचायत सदस्य मनोज सोनी ने वही यह भी बताया है की प्रदीप शर्मा के द्वारा नंदनफल उद्यान योजना के तहत 56568 रुपए एवं खेत तलाब योजना के नाम पर 55608 रुपए और मेढ़ बधान योजना के तहत 70916 रुपए हजम कर लिया है।
समझ में यह नहीं आ रहा है कि जब प्रदीप शर्मा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाला व्यक्ति हैं तो इसने कौन जी जमीन पर मेढ़ बधान, तलाब योजना, नंदनफल उद्यान योजना के तहत लाभ कैसे ले सकता है।
जब भूमि हीन व्यक्ति हैं तो लाखों रुपए कहाँ खर्च कर दिया है।

और जब इसके पास इस योजना का लाभ लेने के लिए जमीन है तो यह गरीबी रेखा का हितग्राही कैसे हो सकता है रीवा जिला प्रशासन को इसका जवाब देना होगा और ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करनी होगी।

आपको यह भी बताते चले की खटखरी ग्राम पंचायत में जितने कार्य हो रहे हैं इन कार्यों में जितनी भी सामग्री लगती है वह सभी सामग्री प्रदीप शर्मा के द्वारा ही ग्राम पंचायत में भेजी जाती है और बकायदे पंचायत के द्वारा पैसा पेमेंट किया जाता है।
पैसे भेजना तो ठीक है पर यह व्यक्ति पंचायत में बेंडर के रूप में रजिस्टर्ड हैं पर इसके पास जी एस टी नम्बर नहीं है जीएसटी नम्बर नहीं होने से यह पूरा पैसा स्वयं डकार रहा है और सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहा है।

रीवा जिला प्रशासन एवं हनुमना जनपद पंचायत प्रशासन आख में पट्टी बाधकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है और संरक्षण प्रदान कर रहा है।

अब देखना यह होगा कि रीवा कलेक्टर एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कोई कार्यवाही करते हैं या इस भ्रष्टाचारी को ऐसे ही अपना संरक्षण प्रदान करते रहेंगे।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment