नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा।

ग्वालियर- श्रीमती आरती शर्मा अनन्यतः विशेष न्यायाधीश, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं त्रयोदशम अपर सत्र न्यायाधीश जिला ग्वालियर (म0प्र0) में विचाराधीन विशेष प्रकरण क्रमांक 188/21 धारा 376 (एबी) भादवि सहपठित धारा 3(2)(पांच) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड 10,000/- रूपये, व्यतिक्रम में 03 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अनिल कुमार मिश्रा ने चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि फरियादी (अभियोक्त्री की माता) द्वारा पुलिस थाना बहोडापुर पर उपस्थित होकर एक टाईपशुदा आवेदन प्रस्तुत किया कि दिनांक 04.07.2021 के करीबन 12ः00 बजे वह अपनी ससुराल सिंकदर कम्पू अपने पति के साथ गई थी तब अभियुक्त शाहरूख को घर पर ही छोड कर गये थे, शाहरूख को उसके पति ने कहा था कि बच्चों का ध्यान रखना, हम थोडी देर में आ जायेगें। अभियोक्त्री की नानी जो कि पास में रहती थी वह भी बच्चों को देखती रहती थी। जब शाम 8 बजे अभियोक्त्री की माता घर वापस आई तो अभियोक्त्री ने बताया कि शाहरूख ने उसके साथ गलत काम किया है फिर अभियोक्त्री से कहने लगा कि किसी को बताना मत मैं तुझे 50 रूपये दूंगा, अभियोक्त्री की माता ने यह बात अभियोक्त्री के पिता को बताई। अभियुक्त शाहरूख अभियोक्त्री के पिता के साथ फैक्ट्री में काम करता था और अभियो़क्त्री भी वहीं खेलती रहती थी इसलिए अभियोक्त्री अभियुक्त शाहरूख को जानती है। अभियोक्त्री की माता द्वारा दिये गये आवेदन के आधार पर पुलिस थाना बहोडापुर, जिला ग्वालियर के अपराध क्रमांक 495/2021 पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत साक्षीगण के कथन लेखबद्ध कर बाद चिकित्सीय परीक्षण नक्शा मौका बनाया जाकर अभियुक्त को गिरफ्तार कर संकलित प्रदर्शों को क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला प्रेषित करने के उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को सजा सुनाई।
अनिल कुमार मिश्रा
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी
जिला- ग्वालियर म0प्र0