नाबालिक को बहला-फुसलाकर ले जाने व उसके साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया गया

न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के न्यायालय द्वारा आरोपी निजामुद्दीन उर्फ निजाम को थाना आधारताल के अप0 क्रं. 1590/2021 व विशेष प्रकरण क्रमांक 21/2022 अंतर्गत धारा 366, 344 भादवि, लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(L) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 4500 रूपये अर्थदंड से दंडित किया।
घटना इस प्रकार है कि दिनांक 02.12.2021 को उत्तरजीवी के पिता द्वारा थाना आधारताल में इस आशय की सूचना दी गई की दिनांक 01.12.2021 को वह मेहताब आलम के यहा हेण्डवर्क का काम करने गया था, शाम 04.00 बजे जब वह घर आया तो उसने देखा कि उत्तरजीवी घर पर नहीं है जिसकी उसने तलाश की, पंरतु उत्तरजीवी नहीं मिली। उत्तरजीवी अपने साथ 20000/- रूपये भी लेकर गई थी। उसके मोहल्ले में किराये से रहने वाला निजामुद्दीन शेख भी घर पर नहीं था। उत्तरजीवी को निजामुद्दीन घर में प्रतिदिन 8 से 9 बजे रात तक एक घण्टा पढ़ाने आता था। उसे शक है कि उत्तरजीवी को निजामुद्दीन ने ही बहला-फुसलाकर ले गया है। उत्तरजीवी के पिता की सूचना पर उत्तरजीवी का गुमशुदा व्यक्ति पंजीकरण तैयार किया गया एवं उक्त सूचना के आधार पर आरक्षी केन्द्र आधारताल के अपराध क्रमांक 1590/2021, अंतर्गत धारा 363 दप्रस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान उत्तरजीवी को दस्तयाब किया गया, दस्तयाबी पंचनामा तैयार कर मुलाहिजा फाॅर्म भरकर परीक्षण हेतु एल्गिन अस्पताल भेजा। विवेचना के दौरान प्रकरण में आये तथ्यों के आधार पर धारा 363, 366 342 व 376(2एन) एवं पाॅक्सो एक्ट की धारा 7/8 का इजाफा किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के न्यायालय द्वारा थाना आधारताल के अप0 क्रं. 1590/2021 व विशेष प्रकरण क्रमांक 21/2022 अंतर्गत धारा 366 भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड, 344 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रू अर्थदण्ड एवं लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(L) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला – जबलपुर म0प्र0