जघन्य सनसनीखेज प्रकरण में महिला की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा

जघन्य सनसनीखेज प्रकरण में महिला की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सज
दाऊदी अपर सत्र न्यायाधीश सिहोरा जिला जबलपुर (म.प्र.) की न्यायालय द्वारा आरोपी गिरानी उर्फ भागचंद कुशवाहा को थाना सिहोरा के अपराध क्रं 292/20 प्र. क्र. 298/20 में 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये अर्थदंड एवं धारा 25(1-ख)(ख) आयुध अधिनियम में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
विशेष लोक अभियोजक एवं मीडिया सेल प्रभारी सिहोरा दिलावर धुर्वे के द्वारा बताया गया कि फरियादी संजय कुमार विश्वकर्मा ने इस आशय की देहाती मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराई कि लगभग 3 वर्ष पहले से अभियुक्त गिरानी उर्फ भागचंद कुशवाहा उसकी पत्नि रमा बाई पर बुरी नजर रखे हुआ था तथा उसे परेशान करता था, जिसे लेकर उसने कई बार अभियुक्त गिरानी को मना किया तो वह वाद विवाद किया करता था। दिनांक 22/06/2020 को सुबह 6 बजे वह व उसकी पत्नि रमा साथ में लेटरिन करने के लिए निकले, वह जिस तरफ पुरूष जाते थे चला गया व उसकी पत्नि संजय पाठक के खेत के तरफ चली गई, उनके पीछे भाई संदीप विश्वकर्मा तथा उसका बेटा गुरूशरण विश्वकर्मा भी लेटरिन करने आए। लेटरिन करने के बाद तीनो वापस घर की ओर जाने लगे तो उन्होनें देखा कि गांव की तरफ रोड में भागचंद अपनी साइकिल से आ रहा था जो पीछे केरियल में बोरी के अंदर कुछ रखा था, वे कुछ दूर ओर आगे चले गए। 5 मिनिट बाद पीछे से चिल्लाने की आवाज आई तो वे तीनों संजय पाठक के खेत के तरफ देखने लगे तो उसकी पत्नि रोड के किनारे संजय पाठक के खेत के पास पडी थी जिसके गले, माथे, गाल तथा दोनों हाथों की उंगलियों में किसी तेज धारदार हथियार से मारने के निशान थे और खून बह रहा था। उसने अपनी पत्नि से पूछा कि किसने मारा है तो उसने बताया कि गांव के भागचंद उर्फ गिरानी ने उसे बके से मारा और भाग गया है इसके पश्चात उसकी पत्नि रमा बाई की मृत्यू हो गई। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। श्रीमान् उपसंचालक अभियोजन जबलपुर श्री विजय उईके एवं जिला अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्ग दर्षन में मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री दिलाबर धुर्वे द्वारा की गई एवं प्रकरण के 17 साक्षियों को न्यायालय मे परीक्षित कराया गया एवं न्यायालय में अंतिम बहस की गई।
विशेष लोक अभियोजक श्री दिलाबर धुर्वे के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी गिरानी उर्फ भागचंद कुशवाहा को थाना सिहोरा के अपराध क्रं 292/20 प्र. क्र. 298/20 में 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये अर्थदंड एवं धारा 25(1-ख)(ख) आयुध अधिनियम में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया।