सीधी पुलिस को दिया गया सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण

(जिला ब्यूरो विमलेश द्विवेदी सीधी)
सीधी पुलिस को दिया गया सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्ष
100 की संख्या में पुलिस बल ने प्राप्त किया प्रशिक्षण_
गंभीर परिस्थितियों में जान बचाने में उपयोगी होती है सीपीआर तकनीक
सीधी । पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा के आदेशानुसार , पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सीधी स्थित सभागार में सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार के संबंध में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । प्रशिक्षण जिला चिकित्सालय जिला सीधी के वरिष्ठ चिकित्सक डा एस बी खरे एवम उनकी टीम द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाकर प्रायोगिक ढंग से सीपीआर किए जाने की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके पश्चात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिला सीधी के मुख्यालय थानों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र तथा अन्य कार्यालयीन स्टाफ के अधिकारी तथा कर्मचारी लगभग 100 की संख्या में उपस्थित रहे तथा प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार व अन्य चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति के दौरान Do’s aur Don’t
के संबंध में प्रश्न पूछे गए जिनका जवाब मेडिकल प्रशिक्षण टीम द्वारा संतुष्टि पूर्वक दिया गया।

क्या है सीपीआर (CPR)।
सीपीआर की फुल
फॉर्म”कार्डियोपल्मोनरीरिससिटेंशन” (Cardiopulmonary resuscitation) है,
सीपीआर इमरजेंसी की हालत में इस्तेमाल की जाने वाले एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती हैं। इस प्रक्रिया में व्यक्ति की सांस अचानक रूक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन के सामान्य हो जाने तक विशेष तरीके से छाती को दबाया जाता है, जिससे शरीर में पहले से मौजूद होने वाला खून संचारित होने लगता है एवं व्यक्ति की जान बचाई जा सकती हैं।
जिला ब्यूरो सीधी
विमलेश द्विवेदी