डीएम की अध्यक्षता में ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक।

मुबारक अली संवाददाता
शाहजहांपुर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी एफएलसी संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ईवीएम-वीवीपैट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की जाएंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी हॉल में प्रवेश के लिए अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पहचान-पत्र के साथ मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग के बाद प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश और निकास का विवरण रजिस्टर में दर्ज होगा। हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। एफएलसी का कार्य 2 सितंबर से करीब 20 सितंबर तक अवकाश के दिनों में भी लगातार चलेगा।
एफएलसी स्थल पर 24 घंटे सुरक्षा बल की तैनाती के साथ पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रहेगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज कर प्रतिदिन इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी।
एफएलसी पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। रैंडम आधार पर चयनित मशीनों के मॉक पोल परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मॉक पोल देखने के साथ इच्छानुसार स्वयं मॉक पोल करने की अनुमति भी होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।