मध्य प्रदेश सरकार पंचायतों को विकास के लिए फंड देती है, भ्रष्टाचार के लिए नहीं!

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ग्राम पंचायत चकडौर भमरहा में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से 4 रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य में गिट्टी और बालू की जगह राखड़ एवं बोल्डर के इस्तेमाल के आरोप सामने आ रहे हैं। इसका वीडियो भी हमारे पास मौजूद है।

 

मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग पंचायतों को जनता के विकास के लिए करोड़ों रुपये का फंड देते हैं। सवाल यह है कि अगर इसी सरकारी धन से घटिया और मानकविहीन निर्माण कराया जाएगा, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी?

 

👉 क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है?

👉 क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हुई है?

👉 क्या तकनीकी अधिकारियों ने मौके पर जाकर सत्यापन किया है?

👉 अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो स्वतंत्र जांच से किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

 

🔴 हमारी स्पष्ट मांग

 

जिला स्तर के उच्च अधिकारी तत्काल इस मामले का संज्ञान लें और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराएं।

 

निर्माण सामग्री के सैंपल लिए जाएं, तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितता या भ्रष्टाचार प्रमाणित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की वसूली की जाए।

 

पंचायत का फंड जनता के विकास के लिए है, किसी की जेब भरने के लिए नहीं।

 

अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस वीडियो और शिकायत पर कार्रवाई करते हैं या फिर मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।

 

📢 जनता सवाल पूछ रही है—लगभग 40 लाख रुपये के इस काम की निष्पक्ष जांच कब होगी?

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