सीधी में भारी बारिश का कहर: पुल के नीचे की मिट्टी बही, आवागमन रोका
पुल टूटा, रास्ते बंद! 9 गांवों का संपर्क प्रभावित होने का खतरा, वन विभाग ने संभाला मोर्चा

प्राइड इंडिया न्यूज | सीधी
मझौली। जिले के मझौली क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते कंचनपुर–उमरिया मार्ग पर वन विभाग के पुल के नीचे की मिट्टी तेज बहाव में बह गई। मिट्टी कटने से पुल की नींव कमजोर हो गई और पुल के नीचे गहरी खाई जैसी स्थिति बन गई। सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने पुल से आवागमन रोक दिया है।
तेज बारिश से बढ़ा खतरा
जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। पानी के तेज कटाव से पुल के नीचे की मिट्टी पूरी तरह बह गई। इससे पुल के हवा में लटकने जैसी स्थिति बन गई और भारी वाहनों के गुजरने पर हादसे की आशंका बढ़ गई।
यह मार्ग खबर, डेवा, देवमठ, कछमेढ़, कंचनपुर, उमरिया सहित करीब नौ गांवों को जिला मुख्यालय सीधी और ब्लॉक मुख्यालय मझौली से जोड़ता है। ऐसे में पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
शिकायत मिलते ही वन विभाग ने की कार्रवाई
ग्रामीणों ने पुल की गंभीर स्थिति की जानकारी संजय टाइगर रिजर्व के डीएफओ राजेश कन्ना टी. को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से पुल के रास्ते को बड़े-बड़े पेड़ गिराकर बंद कर दिया।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी की गई है, जिससे फिलहाल लोगों का आवागमन जारी रह सके।
ग्रामीणों ने की स्थायी निर्माण की मांग
ग्राम पंचायत डेवा निवासी महावीर यादव सहित ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। साथ ही मांग की है कि बारिश का दौर समाप्त होने के बाद पुल की स्थायी रूप से मरम्मत अथवा नए सिरे से निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े।
बारिश थमने के बाद होगी स्थायी मरम्मत
डीएफओ राजेश कन्ना टी. ने बताया कि तेज बारिश के कारण पुल के नीचे की मिट्टी कट गई है। फिलहाल लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर आवागमन रोक दिया गया है। बारिश समाप्त होने के बाद पुल की स्थायी मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाएगा, ताकि भविष्य में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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बारिश के बीच वन विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा, लेकिन पुल की स्थायी मरम्मत अब जरूरी।