गाली-गलौच और मारपीट के मामले में 7 आरोपियों को एक-एक वर्ष की सजा, न्यायालय ने लगाया अर्थदंड
जबलपुर | 19 जून 2026
जबलपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) सुश्री सोनाली बंसल की अदालत ने गाली-गलौच, मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के एक मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष के साधारण कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार थाना अधारताल में वर्ष 2015 में दर्ज अपराध क्रमांक 621/2015 में आरोपी सचिन सिंह, विकास सिंह, राघवेन्द्र सिंह, आशीष, वीरेन्द्र सिंह, मुकेश उर्फ कमलेश सिंह तथा रामकृष्ण उर्फ बिन्नू के विरुद्ध दंगा, मारपीट एवं गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार 17 अगस्त 2015 को फरियादी अपने परिजनों के साथ न्यायालय में पेशी के बाद मेट्रो बस से ग्राम इमलई लौट रहा था। इसी दौरान आरोपी बोलेरो वाहन से बस का पीछा करते हुए करौंदा नाला पुल के पास पहुंचे और बस रुकवाकर फरियादी के पिता किशनलाल बर्मन, भाई दिनेश बर्मन तथा अशोक बर्मन को बस से उतारकर लाठियों से मारपीट की।
घटना में पीड़ितों को हाथ, पैर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद थाना अधारताल में मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया।
न्यायालय का फैसला
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने सभी सात आरोपियों को दोषी पाया और:
धारा 148 भादवि के तहत 1-1 वर्ष का साधारण कारावास एवं 500-500 रुपये अर्थदंड
धारा 323/149 भादवि के तहत 6-6 माह का साधारण कारावास एवं 500-500 रुपये अर्थदंड
धारा 325/149 भादवि के तहत 1-1 वर्ष का साधारण कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड
की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की भूमिका
इस प्रकरण में उप संचालक (अभियोजन) विजय कुमार उईके एवं सहायक संचालक स्मृतिलता बरकड़े के मार्गदर्शन में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ब्रजेश असाठी ने प्रभावी पैरवी की। उनके तर्कों को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध कर दंडित किया।
— भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी / सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला जबलपुर (म.प्र.)