आम जनता को साफ और शुद्ध पेयजल देना हमारी प्रतिबद्धता है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता को साफ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराने और पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या दूर करने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।
प्रदेश भर में 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और 1 मार्च से 31 मार्च तक दो चरणों में पानी की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान हर पेयजल स्रोत और हैंडपंप का पानी जाँच के माध्यम से परीक्षण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा जारी जल रेखा एप का उपयोग कर पाइपलाइन में होने वाली लीकेज की जांच करें और समय रहते उसे दूर करें। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र के हर वार्ड में हर मंगलवार को जल सुनवाई आयोजित कर आम जनता की पेयजल संबंधी समस्याओं का निदान किया जाएगा। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजनाओं के माध्यम से पानी का परीक्षण घर-घर जाकर किया जाएगा और किट के माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक चलने वाले जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आम जनता को भी इस अभियान में जोड़ा जाएगा और पानी की आपूर्ति की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एनआईसी से कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, नगर परिषद चुरहट की अध्यक्ष मोनिका गुप्ता, नगर परिषद रामपुर नैकिन के अध्यक्ष रामकुमार साहू, नगर परिषद मझौली के अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धनंजय मिश्रा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।