सीधी में बकाया सम्पत्तिकर जमा नहीं करने पर कड़ी कार्यवाही की दी गई क्या चेतावनी

सीधी (राकेश शर्मा) राजस्व प्रभारी नगर पालिका परिषद सीधी ने जानकारी देते हुए बताया है कि म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 164 के अंतर्गत बड़े बकायादारों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। बार-बार नोटिस एवं सतत संपर्क के बावजूद जिन करदाताओं द्वारा बकाया सम्पत्तिकर जमा नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कुर्की एवं अन्य दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित करदाताओं की स्वयं की होगी।उन्होंने बताया कि 13.12.2025 को लोक अदालत के माध्यम से बड़े बकायादारों को बकाया सम्पत्तिकर जमा करने हेतु नोटिस जारी किए गए थे, परंतु इसके उपरांत भी बकाया राशि जमा नहीं की गई है।
राजस्व प्रभारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 6 की सज्जन देवी पर 22877 रुपये, रण बहादुर सिंह (मित्र लॉज) पर 287520 रुपये, वार्ड क्रमांक 12 के भानू पाण्डेय पर 51443 रुपये, वार्ड क्रमांक 15 के विजयलाल सोनी पर 65420 रुपये, वार्ड क्रमांक 17 के मो. मुस्ताक पर 47988 रुपये, वार्ड क्रमांक 18 के रामेश्वर प्रसाद अवधिया पर 46361 रुपये, वार्ड क्रमांक 22 के चिन्तामणि गुप्ता पर 92052 रुपये एवं रामप्रसाद गुप्ता पर 77513 रुपये, वार्ड क्रमांक 2 की उर्मिता गुप्ता पर 109284 रुपये, वार्ड क्रमांक 6 के धर्मराज सिंह चौहान पर 47571 रुपये, वार्ड क्रमांक 10 की पुष्पा सिंह पर 34603 रुपये, जय सिंह चौहान पर 32648 रुपये, रामविलास मिश्रा पर 64372 रुपये एवं योगेन्द्र गौतम पर 17691 रुपये सम्पत्तिकर बकाया है।
इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 8 की सीता जायसवाल पर 28564 रुपये, वार्ड क्रमांक 19 के रामनिवास गुप्ता पर 42022 रूपये, माण्डवी अवधिया पर 84415 रुपये एवं माखन गुप्ता पर 49982 रुपये, वार्ड क्रमांक 13 के मंगलेश्वर सिंह चौहान पर 71117 रुपये एवं महेश प्रसाद गुप्ता पर 109631 रुपये, वार्ड क्रमांक 17 के वृजेन्द्र बहादुर सिंह चौहान पर 160008 रुपये एवं राजेन्द्र बहादुर सिंह चौहान पर 180286 रुपये तथा वार्ड क्रमांक 11 के देवेन्द्र सिंह चौहान पर 27488 रुपये एवं बीना मिश्रा पर 110290 रुपये बकाया हैं। इस प्रकार कुल 1861146 रुपये की सम्पत्तिकर राशि शेष है।राजस्व प्रभारी ने अंतिम रूप से निर्देशित किया है कि सभी संबंधित करदाता बकाया सम्पत्तिकर की राशि सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 164 के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए संबंधित करदाता स्वयं पूर्णतः उत्तरदायी होंगे।