पांढुरना: शराब की दुकानों पर ओवरचार्जिंग के खिलाफ ग्राहकों की शिकायत, अंकित मूल्य से अधिक वसूली

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पांढुरना में शराब की बिक्री नियमों का उल्लंघन, 105 रुपये की बोतल के लिए 120 रुपये की मांग

 

संवाददाता – निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ जिला पांढुरना

 

पांढुरना। पांढुरना क्षेत्र की शराब की दुकानों पर ग्राहकों से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न ब्रांडों, जैसे कि ‘आइकोनिक 90 ML’ की बोतल, जिसका मूल्य ₹105 अंकित है, उसे ग्राहकों को ₹120 में बेचा जा रहा है।

यह प्रति बोतल ₹15 की अतिरिक्त वसूली है, जो ग्राहकों की जेब पर सीधा डाका डाल रही है।

भयानक स्वास्थ्य और सामाजिक खतरे की आशंका :

ग्राहकों ने गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि यह अवैध ओवरचार्जिंग जारी रहती है, तो यह केवल आर्थिक बोझ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक बड़े सामाजिक और स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।

महँगी शराब के कारण उपभोक्ता मजबूरी में सस्ते, घटिया और अत्यधिक खतरनाक अवैध नशों की ओर रुख कर सकते हैं, जैसे कि स्प्रिट, सॉल्वेंट्स (Solvents), गांजा, या नकली देसी शराब।

इन सस्ते नशों के भयंकर परिणाम निम्नलिखित हैं:

तत्काल मृत्यु का खतरा: जहरीले रसायनों और मेथनॉल (Methanol) के कारण अंधापन, किडनी फेलियर, और अचानक मृत्यु तक हो सकती है।

दिमाग पर स्थायी क्षति: सस्ते नशों में मौजूद जहरीले तत्व केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को स्थायी रूप से नष्ट कर सकते हैं, जिससे मानसिक संतुलन खोना और पागलपन जैसे लक्षण उभर सकते हैं।

कानून व्यवस्था का पतन: अवैध नशों की लत अपराध दर में भयावह वृद्धि कर सकती है। परिवार टूट सकते हैं और युवा पीढ़ी का भविष्य अँधेरे में जा सकता है।

सरकारी राजस्व का भारी नुकसान: उपभोक्ताओं के वैध शराब से हटकर अवैध नशे की ओर जाने से राज्य सरकार को एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) के रूप में मिलने वाले राजस्व में भारी गिरावट आएगी, जिससे विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित होंगे।

स्थानीय ग्राहकों ने इस अवैध वसूली को रोकने और आबकारी विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि यह ओवरचार्जिंग नागरिकों को जीवन-घाती सस्ते नशों की ओर धकेलने का कारण न बन जाए।

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