कलेक्टर ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की बैठक लेकर दी महत्वपूर्ण निर्देश

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स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पोर्टल अपडेट सुनिश्चित करने पर जोर

 

खमोद चन्देल की रिपोर्ट

 

 

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में आज रविवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में जिले के समस्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (CHO) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे ने चरणबद्ध रूप से मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की।

 

सीएचओ को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस लक्ष्य की पूर्ति में सीएचओ स्वास्थ्य विभाग की प्रथम कड़ी हैं। कलेक्टर ने सभी सीएचओ को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रदाय की जा रहीं सेवाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए तथा संबंधित विभागीय पोर्टलों में अनिवार्य रूप से डेटा एंट्री की जाए, क्योंकि पोर्टल में जानकारी दर्ज न होने पर कार्य को पूर्ण नहीं माना जाएगा।

 

बैठक के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले सीएचओ को प्रोत्साहित किया गया तथा कमजोर प्रदर्शन वाले सीएचओ को चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट कहा कि सभी सीएचओ मुख्यालय में निवासरत रहते हुए अपनी सेवाएं नियमित रूप से प्रदान करें। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि सार्थक ऐप पर प्रतिदिन अपने स्वास्थ्य केंद्र में अनिवार्य रूप से अटेंडेंस दर्ज करें।

 

डॉ. मनोज उरैती, डीटीओ द्वारा जिले में सिकल सेल एवं टीबी की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग कर डेटा पोर्टल पर अपलोड करने संबंधी जानकारी दी गई।

जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी राजेश मरावी ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि सभी गर्भवती माताओं का प्रथम तिमाही में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन किया जाए तथा प्रथम से लेकर चतुर्थ एएनसी जांच समय-सीमा में सुनिश्चित हों। एनीमिया स्क्रीनिंग 100% करने पर भी बल दिया गया।

 

इसी क्रम में ओमप्रकाश उरैती, जिला समन्वयक (RBSK) ने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिक से अधिक किशोरियों को उमंग हेल्थ सेंटर में परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

साथ ही RBSK के अंतर्गत 0–18 वर्ष के जन्मजात विकृति वाले बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर भेजने तथा शासन द्वारा चिन्हांकित अस्पतालों में निशुल्क उपचार की व्यवस्था की जानकारी भी प्रदान की गई।

 

बैठक में श्री चेतराम अहिरवार (पीआरओ), श्री आनंद मोहरे, श्री सौरभ जैन, श्री यादवेंद्र परिहार सहित विभागीय स्टाफ उपस्थित रहा।

 

कलेक्टर ने सभी सीएचओ से अपेक्षा की है की—

“आप ग्रामीण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठा, संवेदनशीलता और मानवीयता के साथ करें। डॉक्टर समाज के लिए भगवान का रूप माने जाते हैं, इसलिए गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना हमारा परम धर्म है।”

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