“न्याय हर द्वार” — 9 नवम्बर से सीधी में शुरू होगा कानूनी जागरूकता का महापर्व ‘न्यायोत्सव 2025’

0 251

 

न्यायोत्सव का उद्देश्य — समाज के हर नागरिक तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुँच सुनिश्चित करना : सचिव मुकेश शिवहरे

 

सीधी, 07 नवम्बर 2025

सीधी जिला न्यायालय के तत्वावधान में न्याय और अधिकारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘न्यायोत्सव 2025’ का शुभारंभ 9 नवम्बर से किया जाएगा। यह छह दिवसीय महापर्व 14 नवम्बर तक चलेगा, जिसमें नागरिकों को उनके अधिकारों और कानूनी सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश शिवहरे ने पत्रकार वार्ता में बताया कि “न्यायोत्सव” का मकसद है — हर व्यक्ति तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करना, ताकि कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कानून को समझने, अपनाने और न्याय के प्रति भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

 

⚖️ ‘न्याय के लिए दौड़’ से होगी शुरुआत

 

9 नवम्बर को “न्याय के लिए दौड़ — अधिकारों की ओर कदम” शीर्षक से मैराथन और कानूनी प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। दौड़ का शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर से होकर गांधी चौक तक होगा।

प्रदर्शनी में “अपने अधिकार जानें” विषय पर आकर्षक पोस्टर और कानूनी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

कैदियों और विद्यार्थियों में बढ़ेगी कानूनी जागरूकता

 

10 नवम्बर को जिला जेल में कैदियों हेतु कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें उनके अधिकारों और नि:शुल्क कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।

11 नवम्बर को विश्व शिक्षा दिवस के अवसर पर विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विशेष वार्ताएँ, प्रतियोगिताएँ और संवाद सत्र होंगे। बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम, सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहेगा।

 

ग्राम स्तर तक पहुँचेगा न्याय

 

12 नवम्बर को ग्रामीण और श्रमिक क्षेत्रों में कानूनी सहायता शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, यौन उत्पीड़न और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

13 नवम्बर को बाल देखभाल संस्थानों और किशोर गृहों में बच्चों के अधिकारों पर विशेष जागरूकता सत्र होंगे।

 

बाल दिवस पर समापन — बच्चों की रचनात्मकता से गूंजेगा न्यायोत्सव

 

14 नवम्बर को बाल दिवस पर न्यायोत्सव का समापन होगा। इस दिन चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी, नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों से अवगत कराया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतिम दिन “न्याय जागरूकता बाइक/साइकिल रैली” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पैरालीगल वालंटियर्स, अधिवक्ता, एनजीओ प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

 

इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक, जिला जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सचिव मुकेश शिवहरे ने कहा — “न्याय तभी सशक्त बनता है, जब समाज का हर व्यक्ति अपने अधिकारों से परिचित और न्याय प्रक्रिया में सहभागी बने।”

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment