धान अवशेष प्रबंधन के लिए मंडला कृषि विभाग की पहल, किसानों को मिली बेलर मशीन की सौगात

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(रिपोर्ट–भगवती प्रसाद दुबे, जिला ब्यूरो चीफ–मंडला)

 

धान कटाई के बाद खेतों में बची पराली (नरवाई) को हटाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कृषि अभियांत्रिकी विभाग मंडला द्वारा सराहनीय कदम उठाया गया है। विभाग की टीम ने माननीय कलेक्टर के निर्देशन में 29 अक्टूबर 2025 को बेलर मशीन का लाइव प्रदर्शन किया, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल की गई।

इस अवसर पर ग्राम–अलौद, विकासखंड–नैनपुर के किसान तुलसीराम ठाकुर के खेत में प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेहरा, उपयंत्री भावना सराठे, बेण्णा इंटरप्राइजेज के प्रबंधक ललित नारायण उपाध्याय, क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल गौतम, डिमॉन्स्ट्रेटर जय सिंह धुर्वे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान से मिलेगा राहत

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि खेतों में नरवाई जलाना पर्यावरण, भूमि एवं जन–जीवन के लिए हानिकारक है। इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है, उत्पादन प्रभावित होता है और हवा में प्रदूषण फैलता है। वहीं, बेलर मशीन से पराली को एकत्र कर बायोमास ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।

सरकार दे रही अनुदान में मशीन की सुविधा

बेलर मशीन की कीमत लगभग ₹4.50 लाख है, जिस पर सरकार द्वारा ₹2.10 लाख तक का अनुदान दिया जा रहा है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने किसानों से इस योजना का लाभ लेने की अपील की है। किसानों ने इस तकनीक की सराहना की और मशीन खरीदने में रुचि दिखाई।

 

रिपोर्ट: कार्यालय सहायक कृषि यंत्री, मंडला

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