एमपी सरकार आज फिर लेगी 4 हजार करोड़ का कर्ज
एमपी सरकार आज फिर लेगी 4 हजार करोड़ का कर्ज

लाड़ली बहनों की किस्त, सेवा पर्व और योजनाओं में होगा खर्च; राज्य का कुल कर्ज 4.53 लाख करोड़ के पार
भोपाल – मध्यप्रदेश सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह राशि तीन किश्तों में ली जाएगी। इसमें दो बार 1,500-1,500 करोड़ और एक बार 1,000 करोड़ रुपए का कर्ज शामिल है। यह रकम रिजर्व बैंक के जरिए 10 सितंबर को सरकार को मिलेगी।
सरकार इस कर्ज से लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में होने वाले सेवा पर्व और अन्य बड़ी परियोजनाओं के भुगतान करेगी।
तीन किश्तों में लिया जाएगा लोन
पहला ऋण: ₹1,500 करोड़ – अवधि 17 साल (सितंबर 2042 तक), ब्याज हर 6 महीने।
दूसरा ऋण: ₹1,500 करोड़ – अवधि 19 साल (सितंबर 2044 तक), ब्याज हर 6 महीने।
तीसरा ऋण: ₹1,000 करोड़ – 20 साल की अवधि (2041 तक), पहले लिए गए लोन का री-इश्यू।
राज्य पर कुल कर्ज 4.53 लाख करोड़ से ज्यादा
इस वित्त वर्ष में अब तक सरकार कई बार कर्ज उठा चुकी है। आज के बाद चालू वित्त वर्ष 2024-25 में कुल कर्ज बढ़कर ₹31,900 करोड़ हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज ₹4,53,640.27 करोड़ तक पहुंच गया है।
31 मार्च 2025 तक यह कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था।
सरकार का दावा – कर्ज सीमा के भीतर
वित्त विभाग का कहना है कि कर्ज तय सीमा के भीतर ही लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार को ₹12,487.78 करोड़ का राजस्व सरप्लस था। 2024-25 में भी ₹1,025.91 करोड़ अधिशेष का अनुमान है।
इस वित्त वर्ष में कब-कब लिया कर्ज
7 मई: ₹2,500 करोड़ + ₹2,500 करोड़ (12 व 14 साल)
4 जून: ₹2,000 करोड़ (16 साल), ₹2,500 करोड़ (18 साल)
8 जुलाई: ₹2,500 करोड़ + ₹2,300 करोड़ (16 व 18 साल)
30 जुलाई: ₹4,300 करोड़ (17 व 23 साल)
5 अगस्त: ₹4,000 करोड़ (18, 20, 23 साल)
26 अगस्त: ₹2,500 करोड़ + ₹2,300 करोड़ (20 व 18 साल)
9 सितंबर (आज): ₹1,500 करोड़ (17 साल), ₹1,500 करोड़ (19 साल), ₹1,000 करोड़ (20 साल, री-इश्यू)
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