दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने पुरे जीवन शोषित, बंचित, आदिवासीयों के उत्थान में अहम भूमिका निभाई, पुर्व जिला परिषद अनुज प्रसाद निराला

जहानाबाद i राजद के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिला पार्षद अनुज प्रसाद निराला ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है, उन्होंने कहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन जिवन पर्यन्त शोषित, बंचित आदिवासीयों व झारखंड के सार्वजनिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी आज उनके असामायिक निधन से हमारे देश की अपुर्णीय छति हूई है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है, उन्होंने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक रहें दिशोम गुरु झारखंड के अलग राज्य बनाने के आंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही थी,वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री, वहीं केन्द्र में मनमोहन सिंह की सरकार में केन्द्रीय कोयला मंत्री भी रहे,साथ ही सात बार लोक सभा के माननीय सांसद भी निर्वाचित हुए थे, इस दौरान उन्होंने समाज के अंतिम पैदान में खड़े व्यक्ति को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया था, यहां बता दें कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ के नेमरा गांव में हुआ था, वें किडनी के लम्बी बीमारी से ग्रस्त थे, उनका इलाज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा था , गौरतलब हो कि उनकी किडनी में इंफेक्शन हो गई थी, जहां उनको ब्रोंकाइटिस भी डिटेक्ट हुआ था, इस दौरान गंगाराम अस्पताल नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डां एके भल्ला ने सोमवार को 8 : 56 बजे उन्हें निधन की सुचना दी, हांलांकि की जब उनको गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब उनके बेटे व झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी बहु कल्पना सोरेन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, वहीं झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार सुचना पाकर शिबू सोरेन से मिलने अस्पताल पहुंचे थे, उनके निधन से देश में शोक की लहर दौड़ गई है,
नवीन कुमार संवाददाता पटना बिहार