“जिला मानस संघ गरियाबंद को पैरी नदी परिक्रमा में मिला वर्ल्ड रिकार्ड : डाॅ मुन्नालाल देवदास”

यह छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले के लिए अत्यंत गर्व की बात है कि मम राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद ने प्रथम बार 255 किलोमीटर पैरी नदी परिक्रमा करके ऐतिहासिक काम किया है। जिसके कारण जिला मानस संघ को तीन वर्ल्ड रिकार्ड प्राप्त हुआ है ।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के संबंध में राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद के संस्थापक राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत साहित्यकार डाॅ मुन्नालाल देवदास ने बताया कि पैरी नदी गरियाबंद जिले की जीवन दायिनी नदी है, इसी नदी पर बने सिकासार बाँध के माध्यम से लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है, पैरी नदी के तट पर बसे सिरकट्टी आश्रम को प्राचीन बंदरगाह माना जाता है, यही पैरी नदी राजिम में महानदी और सोंढूर नदी के साथ मिलकर त्रिवेणी संगम कहलाती है, जहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिवर्ष 15 दिनों तक राजिम कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है। जो पुण्य गंगा यमुना नर्मदा आदि नदियों की परिक्रमा करने से मिलता है वही पुण्य लाभ आप श्रद्धा विश्वास पूर्वक पतित पावनी पैरी नदी की परिक्रमा करके प्राप्त कर सकते हैं।
डाॅ देवदास ने आगे कहा कि पैरी नदी परिक्रमा की परिकल्पना हमारे जिला मानस संघ के प्रमुख संरक्षक भगवताचार्य महामंडलेश्वर संत गोवर्धन शरण व्यास जी ने जिला मानस संघ के आवश्यक बैठक में रखी । जिस पर संघ के पदाधिकारियों ने विचार विमर्श करके ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किए और उनके परिकल्पना को साकार किए।
डाॅ देवदास ने आगे बताया कि प्रस्ताव के अनुरूप 12 और 13 जून 2025 को दो दिवसीय पैरी नदी परिक्रमा 255 किलोमीटर बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। जिसमें सभी वर्ग के लोगों की सहभागिता रही। इस ऐतिहासिक पहल के लिए मम राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद छत्तीसगढ़ को तीन वर्ल्ड रिकार्ड मिला है
इस परिक्रमा को सफल बनाने में जिला मानस संघ अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, कोषाध्यक्ष डोमार सिंग साहू, संगठन मंत्री प्राचार्य कुमान सिंह ध्रुव, महासचिव वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहसचिव आनंद साहू, प्रचार मंत्री परमानंद यादव, फिंगेश्वर ब्लाक अध्यक्ष नंदकुमार यादव, छुरा ब्लाक अध्यक्ष जागेश्वर प्रसाद ध्रुव, गरियाबंद ब्लाक अध्यक्ष टिकेश्वर सिन्हा, मैनपुर ब्लाक अध्यक्ष डोमार सिंह पटैल, भरत यादव, मंच संचालक नवेन्द राज साहू, दिव्यांग संघ जिलाध्यक्ष जागेश्वर साहू, व्याख्याता कृपाराम यादव, पूर्व पंचायत इंस्पेक्टर नूतन साहू, होमन यादव,बलराम यादव, शिक्षक लखन साहू, व्यापारी जगदीश साहू, दुलारु राम, हीरालाल पटेल, हुकुम साहू, सावन कुमार, यशवंत भेड़िया, नेतराम डोमेश्वर हेमलाल रेखराम एवं सिरकट्टी आश्रम के साधुसंतों और माता बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।