बाल श्रमिकों से काम करने वालों कि ख़ैर नहीं।
बेतिया सोमवार को दिन श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बाल मजदूरी कराने वाले प्रतिष्ठानों पर गठित धावा दलद्वारा छापेमारी शुरू किए जाने से नगर में बाल मजदूरी करने वालों में हड़कंप मचा गया इसी क्रम में धावा दल ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पिपरा चौक स्थित फर्नीचर के दुकान में काम कर रहे अरविंद कुमार बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया तो दूसरी तरफ मछली लोक पास नारायण चौंक के पास स्थित रूही कुटीर उद्योग में काम करते हुए समिर आलम को मुक्त कराया गया और बल अधिनियम के तहत दोनों प्रतिष्ठा के संचालकों के ऊपर स्थानीय थाने में प्राथमिक की दर्ज कराते हुए आगे की कार्यवाही विभाग ने शुरू कर दी है बताते चले की बल अधिनियम किसी भी नाबालिक बाल मजदूर से काम करना गैरकानूनी है और पकड़े जाने पर आर्थिक दंड के साथ जेल की भी सजा भुगतनी पड़ती है वहीं बाल मजदूरी रोकने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों कि टीम जिले के सभी प्रखंडों में लगातार छापेमारी कर रही है जिससे बाल मजदूरों से काम करने वाले प्रतिष्ठा के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है इस धावादल में बेतिया सदर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी किशनदेव साह, बैरिया प्रवर्तन पदाधिकारी श्याम कुमार, जोगा पट्टी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शिमा सिंह प्रथम संस्थान के जिला प्रभारी अमर सिंह, प्रयास संस्था के अनुप्रिया आदि शामिल रहे सबसे बड़ी बात कि बेतिया सदर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अपने कड़क मिजाज के कारण जानें जातें हैं और सरकार कि नीतियों को धरातल पर सत प्रतिशत सफल करने में बहुखुबी से निभाते हैं