बाघ की खाल रखने वाले आरोपीगण की जमानत आवेदन खारिज

माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर के द्वारा आरोपी कोमल व लाल सिंह को वन अपराध प्रकरण क्रं. 237/08 अंतर्गत वन्यजीव(संरक्षण) अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 की धारा 2(16) एवं (36) सहपठित धारा 9, 39, 44, 49बी, 51, 52 एवं 57 में जमानत आवेदन पत्र निरस्त किया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 02.06.2023 को स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स म.प्र. भोपाल एवं टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर के संयुक्त स्टाफ द्वारा मुखबिर की सूचना प्राप्त हुई कि श्री शुभम मैरिज गार्डन जोगीटिकरिया के पास सड़क के किनारे, डिण्डौरी के पास सूचना की पुष्टि के बाद घेराबंदी की गई। मुखबिर द्वारा दी गई खबर और बताये गये हुलिये के अनुसार उक्त स्थल पर आरोपी जूट की बोरी के साथ मौजुद थे। अचानक हुई घेराबंदी से घबरा गये और बहस करने लगे। दल द्वारा अपना परिचय देने के बाद उनका नाम, पता पूछा तो उन्होने अपना नाम कोमल, लाल सिंह व भागवत बताया। दल के सदस्यो द्वारा मौके पर कडाई से पूछताछ करने पर और बोरी खोलकर दिखाने को कहा गया तो भागवत ने बोरी खोलकर दिखाया तो उस जूट की बोरी के अंदर मटमैली पन्नी में लिपटी हुई 01 नग खाल पाई गई, जिसकी पहचान वन्यप्राणी बाघ की खाल के रूप में हुई। वन अधिकारियों के द्वारा जब्त कर आरोपीगण को अग्रिम कार्यवाही हेतु वन विश्राम गृह डिण्डोरी लेकर गये। उक्त प्रकरण में आरोपीगण का जमानत आवेदन पत्र माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर के यहा प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती बविता कुल्हारा द्वारा उक्त मामले में जमानत आवेदन पत्र का विरोध किया गया।
श्रीमती बविता कुल्हारा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा तर्क दिए कि चुंकि सरकार भी बाघ, शेर की सुरक्षा हेतु इतनी कडी व्यवस्था कर रही है, सरकार द्वारा विदेशो से बाघ व शेर भारत लाये गये है जिससे जंगल व जंगल से प्राप्त मूल्यवान औषधि व जंगली सम्पति का संरक्षण हो सके। यदि अपने देश के व्यक्ति ही ऐसे मूल्यवान पशु शेर, बाघ का वध करेगे तो यह देश, समाज व पर्यावरण के लिए हानिकारक है। अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर के द्वारा आरोपीगण कोमल एवं लालसिंह को वन अपराध प्रकरण क्रं. 237/08 अंतर्गत वन्यजीव(संरक्षण) अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 की धारा 2(16) एवं (36) सहपठित धारा 9, 39, 44, 49बी, 51, 52 एवं 57 में जमानत आवेदन पत्र निरस्त किया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला-जबलपुर