योग-आयुर्वेद से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश

मुबारक अली संवाददाता
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के तहत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से चल रहे सप्ताहभर के जनजागरूकता अभियान के दूसरे दिन योग और आयुर्वेद के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर स्थित रेडक्रॉस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक सिद्धांतों और योग को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक एवं योग गुरु डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है। संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, स्वच्छता और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाकर कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने योग, प्राणायाम और ध्यान को तनाव कम करने तथा शारीरिक-मानसिक संतुलन बनाए रखने में उपयोगी बताया।
उन्होंने लोगों को अप्रमाणित उपचार से बचने और किसी भी औषधि का सेवन योग्य चिकित्सक की सलाह से करने की अपील की। डॉ. त्रिपाठी ने रेडक्रॉस सचिव डॉ. विजय जौहरी के आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के प्रयासों की भी सराहना की।
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 1988 में आयुर्वेद के लिए अलग मंत्रालय और व्यापक पहचान की मांग को लेकर डॉ. विजय जौहरी ने छात्रों के साथ झांसी से दिल्ली तक करीब 20 दिन की पदयात्रा की थी। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में किया गया यह प्रयास आयुर्वेद के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी कार्यालय के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव सिंह ने भी नियमित योग, संतुलित आहार, उचित दिनचर्या और पर्याप्त विश्राम को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।
कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेंद्र कुशवाहा, स्वास्थ्य विभाग के योग प्रशिक्षक गुरु मृदुल गुप्ता, अवनीश सक्सेना, मुरारीलाल दीक्षित, बृजेश गुप्ता, राजीव शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में रेडक्रॉस सचिव डॉ. विजय जौहरी ने सभी का आभार जताया।