बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कैंप खोलें : मुख्यमंत्री

जनहानि एवं पशुहानि रोकने के सभी उपाय सुनिश्चित करें, फसल एवं क्षति का प्राथमिकता से सर्वे कराने के निर्देश

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सीधी, 23 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है, वहां तत्काल राहत शिविर खोले जाएं। शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त खाद्य सामग्री, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की जनहानि एवं पशुहानि न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य करे।

 

मुख्यमंत्री ने रविवार को रीवा एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर तथा दोनों संभागों के जिलों के कलेक्टरों से बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर एवं जबलपुर जिले के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए।

 

फसल एवं मकानों की क्षति का सर्वे कराएं

 

मुख्यमंत्री ने कमिश्नरों को तकनीकी सर्वे दल गठित कर बाढ़ से हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराने के निर्देश दिए। जहां फसल क्षति की सूचना है, वहां प्राथमिकता से सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। पटवारियों के माध्यम से कच्चे एवं क्षतिग्रस्त मकानों का भी सर्वे कराने तथा बाढ़ से घर, सामान एवं खाद्य सामग्री नष्ट होने पर आरबीसी 6/4 के तहत तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने किसानों को भविष्य में कम पानी वाली फसलों के लिए प्रेरित करने तथा प्रारंभिक अवस्था में बुवाई नष्ट होने पर किसानों के लिए पर्याप्त बीज की व्यवस्था करने को कहा।

 

सीधी में सड़क बहने की तकनीकी जांच

 

सीधी जिले में अत्यधिक वर्षा से नवनिर्मित सड़क बहने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने रीवा संभाग के कमिश्नर को तकनीकी टीम से इसकी जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

बाढ़ के बाद विशेष सफाई एवं स्वास्थ्य अभियान

 

मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों एवं गांवों में विशेष साफ-सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि संक्रमण एवं जलजनित बीमारियों को रोका जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने तथा सर्पदंश की घटनाओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

 

जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर डालकर क्लोरीनेशन कराने तथा जहां बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां लोगों के लिए भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

बिजली और पशु चिकित्सा व्यवस्था पर भी विशेष जोर

 

अति वर्षा से प्रभावित गांवों में विद्युत आपूर्ति तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सा विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का प्राथमिकता से उपचार करने, मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराने तथा गौशालाओं में पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराने को कहा गया।

 

मुख्यमंत्री ने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा एवं कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को फील्ड में 24 घंटे सक्रिय रहकर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी सीधी से कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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