शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में 1 माह जैविक खेती प्रशिक्षण का भव्य समापन, 60 छात्रों को मिले प्रमाण-पत्र

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डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर की अंतरराष्ट्रीय शोध पुस्तक का भी हुआ संवर्धन, प्राचार्य ने की सराहना

 

जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने दिया 1 माह तक ट्रेनिंग

 

रिपोर्टर -सोहन श्याम

 

डिंडौरी-उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत चल रहे एक माह के अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम

जैविक खेती :

 

उसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावना

 

का आज गरिमामय समापन और प्रमाण-पत्र वितरण समारोह सम्पन्न हुआ।

 

समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री पी.एस.वरकड़े ने की। पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक एवं स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर (सहायक प्राध्यापक – सांख्यिकी) ने मंच संचालन करते हुए एक माह की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

 

गूगल फॉर्म से पेपरलेस परीक्षा, 60 छात्रों को मिले प्रमाण-पत्र

 

इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक मूल्यांकन रहा। कल 25 सितंबर को आधुनिक ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से पेपरलेस परीक्षा आयोजित की गई थी। उसके सफल मूल्यांकन के पश्चात आज दोनों बैच के कुल 60 प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

 

प्रमाण-पत्र पाकर छात्रों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें न केवल जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, अग्नि-अस्त्र आदि बनाना सिखाया, बल्कि डिजिटल मार्केटिंग से स्वरोजगार की नई राह भी दिखाई।

 

समारोह का गौरवपूर्ण क्षण : डॉ. नरेंद्र ठाकुर की शोध पुस्तक का संवर्धन

 

समापन समारोह में एक विशेष और गौरव का क्षण तब आया जब सांख्यिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा लिखित उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय संदर्भ पुस्तक “Imputation Techniques for Handling Missing Data in the Sample Using Auxiliary Information” का संवर्धन व प्रदर्शन किया गया।

 

उपस्थित प्राचार्य एवं प्राध्यापकों ने बताया कि यह पुस्तक न केवल शोधार्थियों (Research Scholars) के लिए बल्कि सांख्यिकी विषय के विद्यार्थियों के लिए डेटा प्रबंधन और अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि एक सहायक प्राध्यापक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पुस्तक लिखी है।

 

प्रशिक्षकों और प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति

 

इस अवसर पर विद्यार्थियों को बीच-बीच मे प्रक्टिकल के लिए नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा मे ले जाकर भ्रमण करवा व दिखाया गया। जैविक कृषि के व्यावहारिक गुर सिखाने वाले दोनों मुख्य प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू (जैविक कृषि विशेषज्ञ) अध्यक्ष नर्मदांचल गौ सेवा समिति एवं श्री प्रकाश झारिया का तिलक वंदन से सम्मान किया गया।

 

जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने कहा : गौवंश आधारित जैविक खेती से ही सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ होगा भूमि

 

जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत।

 

समारोह में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री भगवत सिंह धुर्वे, श्री अभिषेक पटेल, श्री सी.एल. रैदास, श्री मधुर मरावी, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. नीरज गुप्ता और श्री आलोक डेहरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्राचार्य श्री पी.एस. वकड़े ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, “डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर ने करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ को केवल एक योजना नहीं, बल्कि रोजगार की प्रयोगशाला बना दिया है। गूगल फॉर्म से परीक्षा और शोध पुस्तक लेखन जैसे नवीन प्रयोग महाविद्यालय को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं।”

अंत में समन्वयक डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और 1 माह तक उत्साह से भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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