सीधी जिले के चकड़ौर की नई बस्ती में 20 साल से सड़क बदहाल, ₹10 लाख की मुरम भी बेअसर

बारिश में सड़क बनी कीचड़ का दलदल, करीब 320 ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित; ग्रामीणों ने स्थायी सड़क और जल निकासी की उठाई मांग
सीधी/रामपुर नैकिन। सीधी जिले की रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत चकड़ौर गांव की नई बस्ती में सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है और बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के साथ कीचड़ फैल जाने से करीब 320 ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग नई बस्ती के लोगों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है। बस्ती में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं आदिवासी परिवार निवास करते हैं। बारिश होते ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाने से छोटे-बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार ग्रामीणों को पैदल आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से, समस्या जस की तस
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण नीरज गुप्ता के मुताबिक सड़क के नाम पर कई बार राशि खर्च होने की बात सामने आई, लेकिन मौके पर सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में सुदूर सड़क योजना के तहत करीब 10 लाख रुपये की लागत से सड़क पर मुरम डाली गई थी। लेकिन बारिश के बाद मुरम दिखाई नहीं दे रही और पूरा रास्ता फिर से कीचड़ से भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पर डाली गई मुरम का सही तरीके से उपयोग और पानी की निकासी की व्यवस्था होती, तो स्थिति काफी बेहतर हो सकती थी।
बारिश में दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा
कीचड़ और जलभराव के कारण सड़क पर दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि आपात स्थिति में बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क को केवल अस्थायी रूप से मुरम डालकर नहीं, बल्कि स्थायी रूप से बनाया जाए और साथ में जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए।
रविवार सुबह अधिकारियों से की शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे नीरज गुप्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने फोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को सड़क की समस्या की जानकारी दी और जल्द निराकरण की मांग रखी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
तहसीलदार ने कहा—जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी
मामले में रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने कहा कि लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। तहसीलदार के अनुसार सड़क पर पानी जमा न हो और कीचड़ की स्थिति न बने, इसके लिए पानी की निकासी की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
ग्रामीणों की मांग—स्थायी सड़क बने, सिर्फ मुरम से न चले काम
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चकड़ौर की नई बस्ती की सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए। साथ ही सड़क के दोनों ओर पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल बारिश में यही समस्या दोबारा खड़ी न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो दशक से चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि बस्ती के सैकड़ों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।