नर्मदा उफान पर, डिंडौरी में बाढ़ का संकट गहराया: पुल डूबे, कई इलाकों का संपर्क टूटा

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव)
जिला मुख्यालय का नर्मदा पुल जलमग्न, जोगीटिकरिया पुल पर भी चढ़ा पानी; डिंडौरी-जबलपुर मार्ग प्रभावित, प्रशासन अलर्ट
डिंडौरी। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रविवार सुबह बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिला मुख्यालय के बस स्टैंड के समीप स्थित नर्मदा पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया। पुल के ऊपर पानी आने के बाद नर्मदा पार स्थित देवरा ग्राम पंचायत, साकेतनगर, हंसनगर सहित कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया है।
सुबह से ही नर्मदा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। नगर पंचायत की ओर से लगातार एनाउंसमेंट कर लोगों से नदी किनारे और जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से आवाजाही नहीं करने की अपील की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक अमला भी तैनात किया गया है।
जोगीटिकरिया पुल डूबने से जबलपुर हाईवे प्रभावित
बाढ़ का असर डिंडौरी-जबलपुर मार्ग पर भी दिखाई दिया। जोगीटिकरिया का पुल भी पानी में डूब गया, जिससे हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया है। पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को इस मार्ग पर जाने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
1982 के बाद इतनी भयावह बाढ़ का दावा
स्थानीय जानकारों के अनुसार नर्मदा नदी में वर्ष 1982 के बाद इस स्तर की बाढ़ देखने को मिल रही है। लगातार बारिश और तेजी से बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन द्वारा नर्मदा तट और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
सुबह सामने आई तस्वीरों में नर्मदा का पानी पुल और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैलता दिखाई दिया। नदी का बहाव तेज होने के कारण सामान्य आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नर्मदा तट, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और किसी भी आपात स्थिति से निपटना है।
फिलहाल लगातार जारी बारिश के बीच नर्मदा के जलस्तर पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है।
जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव