इंदौर संभाग के अभियोजन अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, न्याय व्यवस्था को तकनीक और समन्वय से सशक्त बनाने पर जोर

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इंदौर। लोक अभियोजन मध्यप्रदेश, भोपाल के तत्वावधान में संचालक लोक अभियोजन श्रीमती शिल्पा गुप्ता (आईएएस) के मार्गदर्शन में इंदौर संभाग के अभियोजन अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता संवर्धन हेतु एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला का आयोजन प्रीतमलाल दुआ सभागार, इंदौर में किया गया। कार्यशाला का सफल संचालन उपनिदेशक अभियोजन श्री राजेंद्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधिपति (प्रशासनिक जज) श्री सुबोध अभ्यंकर ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल (आईएएस), संभागायुक्त श्री भास्कर लक्षकार, जिला दंडाधिकारी श्री शिवम वर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री आर.के. सिंह, माननीय द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री मनीष शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) श्री राजेश दंडोतिया उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यशाला में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अभिषेक जैन ने बताया कि इसका उद्देश्य अभियोजन अधिकारियों की कार्यकुशलता और पेशेवर दक्षता को बढ़ाना है। स्वागत भाषण देते हुए उपनिदेशक अभियोजन श्री राजेंद्र सिंह भदौरिया ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि न्यायाधिपति श्री सुबोध अभ्यंकर ने कहा कि अभियोजन और प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारी अन्वेषण अधिकारियों का मार्गदर्शन कर साक्ष्य संकलन की कमियों को दूर करने में अहम कड़ी साबित होते हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल ने अपने संबोधन में प्रत्येक मामले के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर उसके अनुरूप ट्रायल संचालित करने तथा अभियोजन अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।

संभागायुक्त श्री भास्कर लक्षकार ने अभियोजन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के लिए नियमित समीक्षा बैठकों की आवश्यकता बताई, जबकि जिला दंडाधिकारी श्री शिवम वर्मा ने न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री आर.के. सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में अभियोजन और पुलिस को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लेकर उनका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए तथा उनके दुरुपयोग से भी सतर्क रहना होगा।

कार्यशाला में माननीय द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री मनीष शर्मा ने नवीन आपराधिक कानून, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, ई-साक्ष्य एप एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रूल्स-2026 पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) श्री राजेश दंडोतिया ने साइबर अपराधों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की।

समापन सत्र में श्री मनीष शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में जिला लोक अभियोजन अधिकारी/अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुश्री सीमा शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री ज्योति आर्य एवं श्री गोकुलसिंह सिसोदिया ने किया।

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