सड़क सुरक्षा को लेकर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
जनजागरूकता और सख्ती से कम होंगी सड़क दुर्घटनाएं – सांसद डॉ. राजेश मिश्रा

1 जुलाई से बंद होगा पुराना बस स्टैंड, नए बस स्टैंड में सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश
📍 सीधी | 02 जून 2026
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सांसद एवं समिति अध्यक्ष डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, दुर्घटना नियंत्रण, जनजागरूकता और नए बस स्टैंड के संचालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सांसद ने संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी 1 जुलाई से पुराने बस स्टैंड का संचालन बंद किया जाना प्रस्तावित है। इसे ध्यान में रखते हुए सांसद ने नए बस स्टैंड में यात्री सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और यातायात संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए बस स्टैंड के संचालन से आमजन को बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था मिलनी चाहिए।
सांसद डॉ. मिश्रा ने जिले के ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थलों) की समीक्षा करते हुए एक सप्ताह के भीतर संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण कराने और वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, सड़क सुरक्षा चिन्ह और बैरिकेडिंग जैसे कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने पर जोर दिया।
बैठक में बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। सांसद ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है, इसलिए ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
शहरी यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और अतिक्रमण नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सांसद ने प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित कैशलेस उपचार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत पात्र पीड़ितों को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
इसके साथ ही राहवीर योजना की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना की जानकारी गांव-गांव और आमजन तक पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि लोग बिना भय के मदद के लिए आगे आएं।
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर देते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है और यातायात नियमों के पालन से अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।