अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस पर अमेरिकन सिंगर के स्वर में डाॅ मुन्नालाल देवदास के गीत रिलीज

गीत –
हे जननी माँ,
तुम्हें शत शत नमन।
संकटों को सहकर भी,
तू करती है जतन ।।
माँ तेरी गोदी है,
इक पाठशाला ।
गुरु बन सिखाती है,
हमें वर्णमाला।।
गढ़ती विधाता बनके,
हमारा जीवन।
हे जननी माँ,
तुम्हें शत शत नमन ..✍️
– विश्व साहित्य का अनुपमेय शब्द है माँ – डाॅ देवदास
– माँ का जिसने सम्मान किया, माँ की दुआ ने उसे इतिहास पुरुष बना दिया

अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस 2026 को चतुर्भुज धाम सिरकट्टी आश्रम में मम राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद छत्तीसगढ़ की आवश्यक बैठक एवं काव्य गोष्ठी संपन्न हुई । जिसमें भगवताचार्य महामंडलेश्वर गोवर्धन शरण व्यास के मार्गदर्शन में 30 – 31 मई को दो दिवसीय पैरीनदी परिक्रमा करने एवं 8 से 10 जून तक त्रिदिवसीय मानस व्याख्यान प्रशिक्षण आश्रम में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
यह संयोग की बात है कि बैठक के दौरान इस जिला मानस संघ गरियाबंद के संस्थापक राष्ट्रपति व राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षाविद , कवि गीतकार साहित्यकार डाॅ मुन्नालाल देवदास के लिखे गीत – हे जननी माँ तुम्हें शत शत नमन , को सोनोटेक चैनल दिल्ली ने रिलीज किया । मैसेज मिलते ही इस उपलब्धि के लिए डाॅ देवदास को मानस संघ के उपस्थित पदाधिकारियों ने बधाई व शुभकामनाएं दी ।
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इस अवसर पर डाॅ देवदास ने कहा कि विश्व साहित्य का अनुपमेय शब्द है माँ । माँ शब्द की उपमा के लिए संसार में और कोई उपमा नहीं है । उन्होंने आगे कहा कि जिसने भी अपनी माँ का सच्चे मन से सम्मान किया, माँ की दुआ ने उस शख्स को इतिहास पुरुष बना दिया। भारतीय इतिहास में इसके अनेक प्रमाण मौजूद है।
इस संदर्भ में बताना चाहेंगे कि अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस 2026 पर रिलीज हे जननी माँ गीत को मुख्य स्वर अमेरिकन सिंगर वंदना श्रीवास्तव ने दी है। उनका स्वर बहुत ही मधुर और शांतिदायक है। इस गीत में माँ की महिमा का, उनके विविध रुपों का और कष्ट सहने की शक्ति का चित्रांकन किया गया है।
इसी प्रकार अमेरिकन सिंगर वंदना श्रीवास्तव ने 2024 में भी डाॅ देवदास द्वारा लिखे गीत ‘ हे कौशल्या के राम ‘ में भारतीय फिल्मी सिंगर सुरेश वाडेकर के साथ अपनी आवाज दी है। यह गीत टी सीरीज के भक्ति सागर यूट्यूब चैनल मुंबई से रिलीज हुआ है। इसके संगीतकार है जितेन्द्रीयम देवांगन और डायरेक्टर पदमा देवांगन। इसमें खास बात यह है कि डाॅ देवदास सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत पर गीत लिखने वाले लोकप्रिय गीतकार हैं । उनका गीत जीवन जीने की कला पर केन्द्रित होता है।
इस अवसर पर मानस संघ गरियाबंद की बैठक एवं काव्य गोष्ठी में प्रमुख से उपस्थित थे महामंडलेश्वर गोवर्धन शरण व्यास, अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, उपाध्यक्ष टीकमचंद सेन, कोषाध्यक्ष डोमार सिंग साहू, महासचिव विरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहसचिव आनंद साहू, ब्लाक अध्यक्ष नंदकुमार यादव, लोकराम साहू, पूर्व पंचायत इंस्पेक्टर नूतन साहू , कवि साहित्यकार श्रवण कुमार साहू प्रखर, भारत लाल साहू , शिक्षक हुमन निषाद, भेवन साहू, गोविंद तारक, भरत यादव गंगा नायक, यशवंत भेंडिया, सावन कुमार ध्रुव, लोमश साहू, नोगेश्वर जगत , हेमलाल साहू एवं समस्त सदस्य गण ।