रवीन्द्रनाथ टैगोर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2026 से सम्मानित हुए डॉ. मुन्नालाल देवदास
“माटी बंगाल की” कविता से राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश

गरियाबंद/छत्तीसगढ़।
राष्ट्रपति एवं राज्यपाल से सम्मानित नवाचारी शिक्षाविद, कवि एवं साहित्यकार डॉ. मुन्नालाल देवदास को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित “रवीन्द्रनाथ टैगोर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान साहित्य, शिक्षा और राष्ट्रचेतना के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. देवदास ने पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक बदलाव और नई राजनीतिक शुरुआत को लेकर अपनी भावनाओं को कविता “माटी बंगाल की” के माध्यम से व्यक्त किया। कविता में उन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रवादी विरासत का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद, राष्ट्रगान, वंदे मातरम और लोकतांत्रिक चेतना को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
उन्होंने अपनी कविता में लिखा—
“नरेन्द्र को विवेकानंद बनाया, वो माटी है बंगाल की।
वंदे मातरम गीत सुनाया, वो माटी है बंगाल की।।“
कविता में बंगाल की ऐतिहासिक भूमिका, हिंदुत्व, लोकतंत्र और राष्ट्रभक्ति के भावों को प्रमुखता से उकेरा गया है। डॉ. देवदास ने पश्चिम बंगाल की जनता को ऐतिहासिक जीत और नए युग की शुरुआत के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
डॉ. मुन्नालाल देवदास वर्तमान में शिक्षा प्रकोष्ठ संयोजक, गरियाबंद (छत्तीसगढ़) के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा, साहित्य व सामाजिक चेतना के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।