समनापुर में BSW/MSW विद्यार्थियों का गरिमामयी विदाई समारोह एवं वार्षिकोत्सव सम्पन्न

जिला ब्यूरो: मनोज कुमार यादव
समनापुर (जिला डिण्डौरी)। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम (CMCLDP) से सम्बद्ध महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, सतना एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत समनापुर में अध्ययनरत BSW/MSW अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन आजीविका भवन, समनापुर में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हेमबती राजपूत, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी भारत सिंह राजपूत, जिला समन्वयक श्री धर्मेन्द्र चौहान एवं विकास खण्ड समन्वयक श्रीमती मंजूलता राव द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर CMCLDP से शिवकुमार ठाकुर, दिलीप बर्मन, श्रीमती शिशु बड़गैया, सुश्री डाली पनरिया सहित नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि रामकुमार मरकाम, सूरज ताम्रकार, दीपक वर्मे, वेदप्रकाश यादव एवं परशराम ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में BSW/MSW के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें नृत्य, गायन एवं समूह गीतों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण MSW अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का सम्मान रहा, जिन्हें अतिथियों द्वारा उपहार प्रदान कर विदाई दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक बदलाव के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में यश नामदेव, पूजा बर्मन, दिनेश कुमार, भुवनेश्वर सिंह एवं राधिका पड़वार का विशेष योगदान रहा। संचालन एवं व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और सराहनीय रहीं।
अंत में सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। यह समारोह विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक और यादगार साबित हुआ, जिसने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ किया।