आंगनवाड़ियों में सख्ती: अब लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बच्चों-माताओं को मिलेगा पौष्टिक आहार

हॉट कुक्ड मील, अतिरिक्त पोषण और 1098 हेल्पलाइन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
खबर:
सीधी (राकेश शर्मा)। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुपोषण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से शासन ने आंगनवाड़ी केंद्रों की खाद्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण पर विशेष फोकस किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह के हर दिन अलग-अलग प्रकार का ताजा और गरम भोजन (हॉट कुक्ड मील) परोसा जाएगा। इसमें मीठी लापसी, पौष्टिक खिचड़ी, उपमा, नमकीन दलिया और रोटी-सब्जी-दाल जैसे व्यंजन शामिल हैं, जिससे बच्चों को संतुलित आहार मिल सके।
अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे बच्चों को सामान्य भोजन के अलावा अतिरिक्त “थर्ड मील” दिया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। वहीं 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों और किशोरियों के लिए टेक होम राशन (THR) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया है। यह समिति और बच्चों के अभिभावक सप्ताह में 2 से 3 बार भोजन की गुणवत्ता की जांच करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल रोक लगाई जा सके।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में इस टोल-फ्री नंबर पर 24 घंटे सहायता प्राप्त की जा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष हेल्पडेस्क और टीम तैनात की गई है, जो 30 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शासन का स्पष्ट कहना है कि हर बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण देना प्राथमिकता है, और पोषण आहार की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।