इजरायल डिफेंस फोर्सेज iDF दावा: ईरान ने क्लस्टर बम वारहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइल दागी

मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया है कि आज ईरान की ओर से कम से कम एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिसमें क्लस्टर बम वारहेड लगा हुआ था। यह मिसाइल इज़राइल के केंद्रीय क्षेत्रों की दिशा में छोड़ी गई बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
IDF के अनुसार, मिसाइल हमले के बाद देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि मिसाइल में क्लस्टर बम वारहेड था, जो हवा में फटकर कई छोटे-छोटे बमों (सबम्यूनिशन) में बंट जाता है और बड़े क्षेत्र में फैल सकता है। ऐसे हथियारों से नागरिक आबादी को भारी खतरा होता है।
हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि भी अभी तक नहीं हो सकी है।
क्लस्टर बम क्यों हैं खतरनाक?
क्लस्टर बम ऐसे हथियार होते हैं जिनके भीतर दर्जनों या सैकड़ों छोटे बम भरे होते हैं। हवा में वारहेड टूटते ही ये बम व्यापक क्षेत्र में फैल जाते हैं।
कई बार ये छोटे बम तुरंत नहीं फटते और बाद में विस्फोट का कारण बनते हैं।
युद्ध के बाद भी नागरिकों, खासकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा बने रहते हैं।
इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद विवादास्पद हथियार माना जाता है।
कई देशों ने क्लस्टर म्यूनिशन कन्वेंशन के तहत इन पर प्रतिबंध लगाया है, हालांकि सभी देश इस संधि के सदस्य नहीं हैं।
क्षेत्रीय तनाव में इजाफा,
इज़राइल और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सीधे और परोक्ष रूप से कई बार टकराव की स्थिति बन चुकी है। हालिया घटनाक्रम से आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में संघर्ष और गहरा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्लस्टर वारहेड के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर प्रतिक्रिया और कूटनीतिक दबाव का कारण बन सकता है।
आगे क्या?
फिलहाल स्थिति पर दोनों देशों की सेनाएं नजर बनाए हुए हैं। नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।
जैसे-जैसे आधिकारिक पुष्टि और अतिरिक्त जानकारी सामने आएगी, मामले की तस्वीर और साफ होगी।