महीनों की अनुपस्थिति पर पंचायत सचिव निलंबित, जिला पंचायत ने की सख्त कार्रवाई

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
डिंडौरी। जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत खरगहना में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे पंचायत सचिव पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने सचिव गोवर्धन मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों, समीक्षा बैठकों से अनुपस्थिति और सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 दिसंबर 2024 को जनपद पंचायत बजाग में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सचिव बिना अनुमति अनुपस्थित रहे, जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा प्रभावित हुई। इस पर उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था।
इसके बाद 11 फरवरी 2025 को ग्राम पंचायत खरगहना के निरीक्षण के दौरान भी वे कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। जनपद पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 08 एवं ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा 20 एवं 21 जनवरी 2025 को उनकी कार्यप्रणाली को लेकर लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की गई थी।
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी सामने आया कि मई 2025 से 50 दिवस से अधिक समय तक सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित रहीं। 10 जून 2025 को इस संबंध में भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन सचिव द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
30 जनवरी 2026 को सरपंच द्वारा प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया कि 26 जनवरी को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 30 जनवरी को आयोजित ग्रामसभा में भी सचिव अनुपस्थित रहे। ग्रामसभा में उनके विरुद्ध पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
उपरोक्त तथ्यों को अनुशासनहीनता, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता मानते हुए म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 तथा म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत बजाग निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही ग्राम पंचायत खरगहना के ग्राम रोजगार सहायक जशवंत मानिकपुरी को उनके मूल दायित्वों के साथ सचिव का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।
इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।