महिलाओं की हुंकार का असर: कलेक्टर की जनसुनवाई के बाद आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, 2500 किलो लाहन ढेर

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संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ पांढुर्णा

 

पांढुर्णा | 07 फरवरी 2026

क्षेत्र में अवैध शराब के सौदागरों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई किसी गुप्त सूचना पर नहीं, बल्कि उन जागरूक महिलाओं की शिकायत पर हुई है जिन्होंने अपने गांव और परिवार को नशे की लत से बचाने के लिए कलेक्टर की चौखट पर दस्तक दी थी।

जनसुनवाई से शुरू हुई कार्रवाई की पटकथा

पिछले दिनों ग्राम मरकावाड़ा की महिलाओं ने एकजुट होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के समक्ष जनसुनवाई में एक शिकायती पत्र सौंपा था। महिलाओं का आरोप था कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब का निर्माण और विक्रय धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग को तुरंत और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

नदी-नालों के किनारे चल रही थी भट्ठियां

सहायक आबकारी आयुक्त श्री भीम राव वैध के आदेश पर शनिवार को आबकारी विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मरकावाड़ा, लहरादाना एवं कारापाठा क्षेत्र के दुर्गम नदी-नालों और झाड़ियों में घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखते ही शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया।

मौके पर आबकारी विभाग ने पाया कि कई स्थानों पर ड्रमों में भरकर महुआ लाहन जमीन में गाड़कर रखा गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:

लगभग 2500 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर ही नष्ट किया।

20 लीटर हाथ भट्ठी से बनी कच्ची शराब जब्त की।

शराब बनाने के उपकरणों को तोड़कर भट्ठियों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।

कानूनी शिकंजा और टीम की मुस्तैदी

इस दबिश के दौरान आबकारी विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं च के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। विभाग अब मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गया है।

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व आबकारी उप निरीक्षक एवं वृत्त प्रभारी श्री नरेंद्र कुमार नागेश ने किया। टीम में आबकारी आरक्षक श्रीमती श्रद्धा राहंगडाले की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए इस अभियान को सफल बनाया।

प्रशासन की चेतावनी: नहीं बख्शे जाएंगे माफिया

आबकारी विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध नशे का कारोबार करने वालों के लिए क्षेत्र में कोई जगह नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण महिलाओं की यह जागरूकता समाज के लिए मिसाल है। भविष्य में भी ऐसे अड्डों पर निरंतर छापेमारी जारी रहेगी ताकि पांढुर्णा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा बनी रहे।

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