पांढुर्णा विशेष: विकास की नई राह पर जिला—खेती से लेकर शिक्षा और जन-कल्याण तक प्रशासन मुस्तैद

संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ पांढुर्णा
पांढुर्णा | 06 फरवरी 2026
नवनिर्मित पांढुर्णा जिले में इन दिनों विकास और जन-जागरूकता की बयार बह रही है। जिले के प्रशासनिक अमले ने एक ओर जहाँ भविष्य की आर्थिक नींव रखने के लिए संपत्तियों के नए बाजार मूल्य तय करने की कवायद शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर धरती माता के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी की शिक्षा व सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। गुरुवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में आयोजित बैठकों और निरीक्षणों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
खेती में बदलाव: रसायनों को छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाएंगे किसान
कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं एडीएम श्रीमती अलका एक्का ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब हमें रसायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग पर लगाम लगानी होगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे हरी खाद, सल्फर कोटेड यूरिया और जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाएं। कृषि विभाग ने साल 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए ग्राम पंचायतों में कृषि रथ के माध्यम से जागरूकता फैलाने का जिम्मा उठाया है। किसानों को अब ई-टोकन और सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जमीनों के दाम: विकास के साथ बढ़ेंगे बाजार भाव
पांढुर्णा के जिला बनने के बाद यहाँ आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास हुआ है। इसे देखते हुए उप जिला मूल्यांकन समिति ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अचल संपत्तियों की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि जिले की 313 लोकेशनों में से करीब 289 जगहों पर 5% से लेकर 50% तक की दर वृद्धि प्रस्तावित है। विशेष रूप से नेशनल हाईवे से लगे 12 से 13 गांवों को ‘विशिष्ट ग्राम’ की श्रेणी में रखा गया है, ताकि उनका सही मूल्यांकन हो सके।
शिक्षा और संस्कार: एतश महाविद्यालय में वार्षिक उत्सव
प्रशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के बीच भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। एतश महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव के दौरान कलेक्टर वशिष्ठ और विधायक निलेश ऊईके ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। जहाँ कलेक्टर ने शिक्षा को नैतिक मूल्यों से जोड़ने की बात कही, वहीं विधायक ने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का मंत्र दिया। इस दौरान मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
निरीक्षण और नशामुक्ति: धरातल पर जांच
प्रशासनिक चुस्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनपद सीईओ प्रियंक मिश्रा ने पंधराखेड़ी की आंगनबाड़ी का औचक निरीक्षण कर बच्चों के पोषण और सुविधाओं का जायजा लिया। दूसरी ओर, पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. एच.जी.एस. पक्षवार ने पांढुर्णा और सौंसर के पशु चिकित्सालयों में दबिश दी। उन्होंने सख्त लहजे में अधिकारियों को मुख्यालय में रहने और समय पर ड्यूटी पर तैनात होने की हिदायत दी।
वहीं, समाज को भीतर से खोखला कर रही नशे की समस्या पर प्रस्फुटन ग्राम परसोडी़ में जन अभियान परिषद ने प्रहार किया। जिला समन्वयक अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई और इसे एक जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया।
कुल मिलाकर, पांढुर्णा जिला इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहाँ सरकारी योजनाओं को केवल कागजों पर नहीं बल्कि जनता के बीच ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।