गोंडी कला कार्यशाला का आयोजन, पारंपरिक शैलियों का दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण

रिपोर्टर सोहन श्याम बजाग डिंडौरी
करंजिया-विकासखंड करंजिया के ग्राम पाटनगढ़ माल के जीओ गोंड़ कलाकृति मर्यादित सहकारी समिति के माध्यम से पाटनगढ़ माल हस्त कला भवन में प्रसिद्ध गोंडी कलाकार रोशनी श्याम के मार्गदर्शन में गोंड कला से संबंधित एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को गोंड कला की पारंपरिक शैली, प्रतीकात्मकता एवं रचनात्मक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कार्यशाला के अंतर्गत गोंड कला की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें बांस, पेटिंग, वृत्ति एवं घास विधा शामिल हैं। बांस विधा में कृपाराम परस्ते, रामवती परस्ते, सोनीबाई मरकाम, संतोष मरकाम एवं कैलाश मरकाम भाग ले रहे हैं। इसी प्रकार पेटिंग विधा में विजय कुशराम, अमित परस्ते, जमुना मसराम, बिंदेश्वरी परस्ते, दुर्गा श्याम, अंकित श्याम, चैन सिंह धुर्वे, दिवेन्द्र मरावी, विकास कुशराम एवं नम्रता उइके प्रतिभागी हैं। इसी प्रकार मूर्ति विधा में रामकुमार श्याम एवं शिव प्रसाद धुर्वे तथा घांस विधा में हेमंत मरकाम द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय गोंड कला की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करना, नवोदित कलाकारों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें पारंपरिक कला के साथ आधुनिक रचनात्मक दृष्टिकोण से जोड़ना है।