सिंगरौली में आयुष्मान योजना से जुड़ी अनियमितताओं पर मानवाधिकार संगठन सख्त

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जिला प्रशासन से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
सिंगरौली।
जिले में आयुष्मान भारत योजना एवं निजी अस्पतालों में कथित अनियमितताओं को लेकर मानवाधिकार संरक्षण संगठन (HRD) ने गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में मानवाधिकार आयोग से संबद्ध संगठन द्वारा जिला कलेक्टर सिंगरौली को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिले के कुछ निजी अस्पतालों एवं जिला चिकित्सालय में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों से अवैध वसूली, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, समय पर इलाज न मिलना, जांच एवं दवाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना गया है।


मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि यह मामला सीधे आम नागरिकों के जीवन एवं स्वास्थ्य के अधिकार से जुड़ा हुआ है, इसलिए जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की वर्तमान स्थिति, दोषी अस्पतालों/चिकित्सकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई, आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों को दी गई सुविधाओं का विवरण तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि समय-सीमा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मामले को उच्च स्तर पर मानवाधिकार आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
मानवाधिकार संगठन की इस पहल के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

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