शासकीय शिक्षक होते हुए भी बीपीएल योजनाओं का लाभ? मरवारी ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट,
डिंडौरी |शहपुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मरवारी में शासकीय योजनाओं के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गोविंद झारिया, जो कि शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, वर्षों से बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्डधारी के रूप में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शासकीय सेवा में होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति का बीपीएल सूची में नाम दर्ज होना नियमों के विपरीत माना जा रहा है। नियम स्पष्ट हैं कि नियमित शासकीय कर्मचारी बीपीएल श्रेणी में शामिल नहीं किए जा सकते, इसके बावजूद कथित रूप से लंबे समय से योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के मामलों से वास्तव में जरूरतमंद गरीब परिवार योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे और ऐसे मामलों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बीपीएल सूची का सत्यापन हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि ये भ्रष्टाचार कब सुधरेगा और कब शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंचेगा।