सीधी जिले में ठंड और कोहरे का कहर, सड़कों पर सन्नाटा, बुजुर्गों की जान पर बन आई

सीधी जिले में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुँचते ही हालात गंभीर हो गए हैं। सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना है कि सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा, जिससे आवागमन लगभग ठप हो गया है। जिले की मुख्य सड़कें सूनी पड़ी हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
भीषण ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक ठंड से बचाव के लिए तरह-तरह के जुगाड़ किए जा रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को झेलनी पड़ रही है।
ठंड से बढ़ रही मौतों की आशंका
जिले में लगातार ठंड बढ़ने के कारण हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से बुजुर्गों की मौत के मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक ठंड में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ठंड में मौत के प्रमुख कारण
हृदय संबंधी समस्याएं:
ठंड के कारण रक्त गाढ़ा हो जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रेन स्ट्रोक:
मस्तिष्क की धमनियों में थक्का जमने या फटने से स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है।
हाइपोथर्मिया:
शरीर का तापमान अत्यधिक गिरने से कंपकंपी बंद होना, भ्रम की स्थिति और अंगों का काम करना बंद हो सकता है।
श्वसन संक्रमण:
सर्दी, खांसी, फ्लू और निमोनिया जैसी बीमारियाँ जानलेवा साबित हो सकती हैं।
हार्मोनल असंतुलन:
अत्यधिक ठंड थायराइड हार्मोन को प्रभावित कर शरीर की ताप नियंत्रण प्रणाली बिगाड़ सकती है।
इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
बुजुर्ग
छोटे बच्चे
हृदय व फेफड़ों के रोगी
बेघर और खुले में रहने वाले लोग
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
गर्म और सूखे कपड़े पहनें, गीले कपड़ों से बचें।
सुबह-शाम ठंडी हवा और कोहरे में बाहर निकलने से बचें।
डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयाँ नियमित लें।
ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराएं।
बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें, विशेष देखभाल करें।
प्रशासन से अपेक्षा,
जनहित में जिला प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि रैन बसेरों, अलाव की व्यवस्था और स्वास्थ्य अलर्ट को और मजबूत किया जाए, ताकि ठंड से किसी की जान न जाए,