पांढुरना में गूँजा ‘एक पेड़ लगाओ… जीवन बचाओ’ का नारा: प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. शर्मा ने जलवायु परिवर्तन पर दिया सशक्त संदेश

संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ जिला पांढुरना
पांढुरना, म.प्र. (07 दिसंबर 2025):
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद इकाई म.प्र. (भारत) द्वारा जिला पांढुरना में एक सफल और प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘अपना ढाबा, ग्राम सिवनी’ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वृक्षारोपण की संस्कृति को मजबूत करना था।
जिला अध्यक्ष की पहल पर भव्य आयोजन
परिषद के जिला अध्यक्ष रूपेश कासलीकर के कुशल नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. शिव कुमार शर्मा जी का पहली बार जिला पांढुरना में आगमन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत ठीक 11:00 बजे वृक्षारोपण से हुई, जहाँ सभी उपस्थित सदस्यों ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
गणमान्य व्यक्तियों की विशेष उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों और परिषद के समर्पित सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है:
राम ठाकरे (पत्रकार),एड. रवि धुर्वे, गुलाबराव डिगरसे, सुरज जायसवाल, विजय आखरे, राजेंद्र ठाकरे, नीलेश हिवसे, पदमाकर पाबले, संजय डोबले, ओमप्रकाश डिगरसे, युवा अहाके, किशोर डिगरसे, चन्दन कवड़ेती, वासुदेव गोरे, संजय गोहटे, शुभम यमदे, हरिचंद्र नेहारे, यशवंत घाघरे, पलाश वालके, निलेश कलसकर (पत्रकार) उत्तम झा,
डॉ. शर्मा का जलवायु पर मार्गदर्शन
अपने संबोधन में, डॉ. शिव कुमार शर्मा जी ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के गंभीर विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल एक गतिविधि नहीं है, बल्कि जीवन रक्षा का एक अनिवार्य कार्य है।
डॉ. शर्मा ने कहा, “आज की पीढ़ी को यह समझना होगा कि हर साँस के लिए शुद्ध हवा देने वाला पेड़ ही हमारा सच्चा जीवनदाता है। जलवायु संकट से निपटने का एकमात्र टिकाऊ तरीका है कि हम सामूहिक रूप से हरियाली को अपनाएँ और पानी, जंगल तथा ज़मीन का संरक्षण करें। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार जैस्वाल जी जैसे किसान नेता की उपस्थिति यह दर्शाती है कि पर्यावरण का सीधा संबंध हमारी कृषि और अर्थव्यवस्था से है।”
कार्यक्रम में सभी सदस्यों ने मिलकर भोजन ग्रहण किया और भविष्य में ऐसे अभियानों को जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।