अरवल के लोगों की 18 साल की संघर्ष यात्रा का परिणाम: पटना-औरंगाबाद रेल लाइन को हरी झंडी

जहानाबाद। अरवल को रेलवे नक्शे पर लाने की लंबी लड़ाई आखिरकार रंग लाई। सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने पटना से अरवल होते हुए औरंगाबाद तक रेल लाइन निर्माण की स्वीकृति मिलने और तुरंत निर्माण कार्य शुरू करने के आदेश पर खुशी जताई।
सांसद यादव ने बताया कि अरवल के लोग पिछले 18 वर्षों से इस रेल परियोजना के लिए संघर्ष कर रहे थे, और उनकी निरंतर मांगों का ही परिणाम है कि सरकार ने पटना-औरंगाबाद रेलवे लाइन को मंजूरी दी और इसके लिए 3606 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
सांसद ने कहा कि सांसद बनने के बाद उन्होंने कई बार रेल मंत्री से मिलकर इस योजना को स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया और चुनावी वादों में भी इसे प्रमुख रखा।
यह परियोजना 14 नए रेलवे स्टेशनों के निर्माण के साथ अरवल, जहानाबाद और आसपास के जिलों के लगभग 1 करोड़ यात्रियों को लाभान्वित करेगी। संभावित स्टेशन: विक्रम, दुल्हिन बाजार, पालीगंज, बारा, अरवल, खभैंणी, मेहंदिया कलेर, शमशेर नगर, दाउदनगर, ओबरा और भ्रथौली।
ज्ञात हो कि इस परियोजना का शिलान्यास 2007 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। प्रस्तावित लागत उस समय 326 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 4000 करोड़ रुपये हो गई है।
अरवल जिले की इस रेल लाइन से जुड़ने के बाद क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।