नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को
लोक अदालत समाज में सौहार्द और न्याय प्रियता की स्थापना का सशक्त माध्यम है – प्रधान जिला न्यायाधीश
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर सीधी एवं तहसील मुख्यालय चुरहट, मझौली तथा रामपुर नैकिन में दिनांक 13 सितंबर 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इसी क्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयाग लाल दिनकर के द्वारा एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला न्यायाधीशगण मध्यस्थता केन्द्र के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयाग लाल दिनकर ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग के लिए न्याय प्राप्ति का सबसे सुलभ, त्वरित और किफायती साधन है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में निर्णय आपसी सहमति से होते है, जिनकी वैधता न्यायालय के निर्णय के समान होती है। प्रधान न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक वादों को लोक अदालत में प्रस्तुत करवाएं, ताकि पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिल सकें इसके साथ ही उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया, जिससे अधिकाधिक लोग लोक अदालत की उपयोगिता समझकर इसमें भाग ले सकें।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राजस्व, विद्युत परिवहन, बैंकिंग, बीमा, श्रम, परिवार न्यायालय संबंधी विवादों के अतिरिक्त लंबित एवं प्री लिटिगेशन मामलों को भी बड़ी संख्या में लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। अंत में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत समाज में सौहार्द और न्याय प्रियता की स्थापना का सशक्त माध्यम है और सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इसे सफल बनाया जाएगा।
इस अवसर पर जिला न्यायालय सीधी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रयाग लाल दिनकर, विशेष न्यायाधीश श्री यतीन्द्र कुमार गुरू, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री दीपक शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री राकेश कुमार सोनी, तृतीय जिला न्यायाधीश श्री रवीन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम जिला न्यायाधीश सीधी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुश्री उर्मिला यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री मुकेश कुमार शिवहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सोनू जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट मृदुल लटौरिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक साहू तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा। लोक अदालत के माध्यम से राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों, सिविल प्रकरणों, चेक बाउंस प्रकरणों, वैवाहिक एवं पारिवारिक प्रकरणों, विद्युत अधिनियम के प्रकरणों, धन वसूली प्रकरणों आदि का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से किया जावेगा। नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, पॉंच किलो वाट तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जावेगी। इन प्रकरणों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि में 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि में 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जावेगी। यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत दिनांक 13.09.2025 में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस, अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जावेगी।