वन विभाग डीएफओ, एसडीओ को दो जिलों के चार्ज पर उठ रहे सवाल
वन विभाग डीएफओ, एसडीओ को दो जिलों के चार्ज पर उठ रहे सवाल
वनांचल समाचार जिला ब्युरो निलेश कलसकर
पांढुरना:- मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के महत्वपूर्ण संवेदन शील वन विभाग के उच्चअधिकारियों की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में नजर आ रही है। जिला पांढुरना वन मंडल इन दोनों सुर्खियों में चला रहा है। मिली जानकारी के अनुसार डीएफओ,एसडीओ को विशेष सुविधा मुहैया कराने पांढुरना और छिंदवाड़ा दोनों जिलों का चार्ज देना एक असामान्य व्यवस्था लगती है,खासकर जब पांढुरना एक स्वतंत्र जिला बन गया है। यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह व्यवस्था वन विभाग के कामकाज को प्रभावित कर रही है? इतनाही नहीं शासन स्तर की योजनाओं से आमजनों को भटकना पड़ रहा है। यह उच्च अधिकारी समय पर मिला नहीं पा रहे है।
2023 के पहले छिंदवाड़ा जिला दक्षिण वन मंडल सामान्य का पांढुरना हिसा था जिसमें सिलेवानी रेंज शामिल थी पांढुरना जिले के अस्तित्व में आने से पांढुरना वन मंडल सामान्य हुआ है। तब से यहां वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने एसडीओ बुदौलिया का एडिशनल चार्ज पांढुरना वन मंडल एसडीओ की पद पर होना बताया जा रहा है।
शासन के आदेश के बाद पांढुरना में कैसे डेट है एसडीओ?
इस बीच एसडीओ बुदौलिया का मध्यप्रदेश शासन वन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल,दिनांक 20 अगस्त 2025 आदेश
क्रमांक एफ 1/1/41/0002/2025-धारा-1-10 :: राज्य शासन द्वारा श्री अनादि बुधोलिया, उप वन मंडल अधिकारी, सिल्लेवानी पांढुरना वन मंडल को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से उप वन मंडल अधिकारी, छिंदवाड़ा पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल के पद पर स्थानांतरित किया गया इस के बाद पांढुरना वन मंडल डिविजन का चार्ज कैसे दिया गया है?
15अगस्त को झंडा वंदन के बाद नहीं दिखे डीएफओ
पांढुरना जिला अगस्त 2023 में छिंदवाड़ा जिले से अलग होकर बना है, और अब यह एक स्वतंत्र जिला है। डीएफओ सचिन नरगडी की शासन स्तर पर पोस्टिंग पांढुरना जिला वन मंडल कार्यालय के लिए हुई है।उन्होंने विदिवद चार्ज लिया है। परन्तु डीएफओ साहब चार्ज के बाद मात्र 15 अगस्त को झंडा वंदन करने आए तब से आज तक मुख्यालय राम भरोसे चल रहा है।हालांकि उनके पास भी छिंदवाड़ा प्रोडक्शन का एडिशनल चार्ज होना बताया जा रहा है।
छिंदवाड़ा में पदस्त एसडीओ को दो ज़िलों की मुख्यालय के चार्ज में है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के अलावा ऐसे में वन विभाग के अधिकारियों की पोस्टिंग और उनके कामकाज की व्यवस्था भी स्पष्ट और पारदर्शी होने चाहिए।यह व्यवस्था कई सवाल उठाती है। क्या यह व्यवस्था वन विभाग के कामकाज को प्रभावित करेगी?,क्या अधिकारियों की लाबी की मिलीभगत का परिणाम है?क्या पांढुरना जिले के वन विभाग के अधिकारियों की पोस्टिंग और कामकाज की व्यवस्था स्पष्ट और पारदर्शी नहीं मालूम पड़ रही है?
इनके कहना है…
इस पूरे मामले की जानकारी लेता हु और वास्तविकता क्या है यदि अधिकारी व्यवस्था बिगड़ रहे होगे तो जांच की मांग कर सुचारू व्यवस्था बनाएंगे –
नीलेश उईके
विधायक पांढुरना