जीएसटी स्लैब में बदलाव से गरीब, युवा, किसान और महिलाओं सहित सवा सौ करोड़ देशवासियों को मिला दीपावली पूर्व उपहार — सांसद डॉ राजेश मिश्रा
जीएसटी स्लैब में बदलाव से गरीब, युवा, किसान और महिलाओं सहित सवा सौ करोड़ देशवासियों को मिला दीपावली पूर्व उपहार — सांसद डॉ राजेश मिश्रा
सांसद ने जताया प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार
सीधी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के सपने को साकार करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा जीएसटी के केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत एवं 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है। जीएसटी इसलिए में बदलाव का स्वागत करते हुए लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ राजेंद्र मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लोकसभा सूची क्षेत्र की जनता जनार्दन की ओर से अभिनंदन और स्वागत किया है। विशेष रूप से आम आदमी और मध्य वर्गी को विशेष लाभ होगा।
सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र ने कहा कि वर्तमान में भारत के अमेरिका से रिश्ते बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं जोकि अमेरिका के द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की वजह से और गम्भीर हुए हैं, ऐसी विषम परिस्थिति में भी केंद्र सरकार के द्वारा जीएसटी दर को सीमित किया जाना भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सागर जैसे विशाल ह्रदय को दिखलाता है। अमेरिकी टैरिफ की वजह से जिस परिस्थिति से भारत गुजर रहा है ,उस स्थिति में दुनियां का अन्य कोई देश पस्त हो जाता और उसकी इकोनॉमी ध्वस्त हो जाती, मजबूरन उस देश को अमेरिका के सामने घुटने टेकने पड़ते, लेकिन मोदी जी के साहस, पराक्रम और दूरदर्शिता की वजह से भारत अमेरिका के सामने झुका नहीं और पूर्ण साहस के साथ जीएसटी दरों में बदलाव कर देशवासियों को बहुत बड़ी राहत प्रदान की है।
सांसद डॉक्टर मिश्र ने कहा कि 22 सितंबर से नई दरें लागू होंगी। जिसकी वजह से गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों की बुनियादी वस्तुओं की आवश्यकता पूरी करने के लिए, देश वासियों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है, खाद्यान्न, दवाइयां,इलेक्ट्रॉनिक आइटम ऑटोमोबाइल सहित विलासिता के सामान को छोड़ तकरीबन हर उपयोगी वस्तु की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। जिसका फायदा देश के हर गरीब, मजदूर एवं मध्यमवर्गीय परिवार को होगा।
*हर वर्ग को होगा लाभ*
सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र ने कहा कि जीएसटी के ढांचे में जो बदलाव हुआ है, उसका लाभ किसी न किसी रूप में समाज के हर वर्ग को मिलने वाला है। इसमें जहां 12 फीसदी और 28 प्रतिशत वाले टेक्स स्लैब को खत्म कर दिया गया है, वहीं 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत वाले स्लैब में इन वस्तुओं को रखने से निश्चित रूप से आवश्यक वस्तुओं के दामों में कमी आएगी। 40 प्रतिशत का स्लैब नशा के विरूद्ध सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है इससे नशे की रोकथाम में मदद मिलेगी। हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी शून्य करने का कदम ऐतिहासिक है, इससे आम आदमी भी स्वास्थ्य बीमा करा कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकेगा। साथ ही पनीर, छेना, टेट्रापैक दूध, रोटी, चपाती परांठा, खाकरा जैसी आम लोगों से जुड़ी खाद्य वस्तुओं, दुर्लभ बीमारियों और कैंसर की दवाओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। आम आदमी के उपयोग की कई वस्तुएं जैसे हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर, अन्य घरेलू सामान आदि पर जीएसटी 18 प्रतिशत या 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। खाद्य पदार्थों जैसे पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका लाभ हर परिवार को मिलेगा।
*आसान होगी किसानों की राह*
सांसद डॉक्टर राजेश मिश्र ने कहा कि नई जीएसटी दरों में किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। कृषि उपयोगी वस्तुओं, मिट्टी तैयार करने या जुताई करने वाला ट्रैक्टर, कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनरी, कटाई या थ्रेसिंग मशीनरी, जिसमें पुआल या चारा बेलर, घास काटने की मशीन, कंपोस्ट मशीन आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जो कि स्वागतयोग्य है। सरकार के इस निर्णय से कृषि मशीनरी की कीमत कम होगी और अधिक से अधिक किसान इनका लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय न सिर्फ किसानों की राह आसान होगी, बल्कि कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
सादर प्रकाशनार्थ
सांसद जनसंपर्क अधिकारी