सीधी में बच्चों की ‘गाय बचाओ, गांव बचाओ’ रैली — मोगली पलटन ने दिया अनोखा संदेश

सीधी ज़िले के हनुमानगढ़ गांव में रविवार को बच्चों की टोली मोगली पलटन ने “गाय हैं तो गांव है” के संदेश के साथ अनोखी कछुआ चाल रैली निकाली। यह रैली स्व. चंद्र प्रताप तिवारी समाधि स्थल से शुरू होकर मुख्य सड़क होते हुए गांव के दूसरे छोर तक पहुंची।
पूरे रास्ते बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उन्होंने “गोबर न होय मोहर आय, गाय ना होय धरोहर आय”, “माटी कहय नारियाय के गोबर नाबा गाय के”, और “सेवा करबे गाय के, रोजगार पाऊबे धाय के” जैसे नारे लगाए।
गांव के लोग घरों से बाहर आकर तालियां बजाते और मुस्कुराते हुए बच्चों का हौसला बढ़ाते रहे। रैली के दौरान बच्चों ने गाय की चिट्ठी भी बांटी, जिसमें गाय के नजरिए से गांव और किसानों की स्थिति पर संदेश लिखा था।
रैली का उद्देश्य केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देना था — पलायन, मिलावटी दूध, जहरीली सब्जियां और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान गांव को विकास के केंद्र में रखकर ही संभव है।
मोगली पलटन ने स्पष्ट किया कि “गाय मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे, गांव मजबूत होंगे तो भारत की जड़ें मजबूत होंगी।”
ऋषिकेश फाउंडेशन के अध्यक्ष उमेश तिवारी ने कहा, “अगर भारत की आत्मा गांव में बसती है, तो गांव की आत्मा गाय में बसती है। हम इस सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।”