बभनी की आदिवासी महिलाओं की गुहार – “आज भी मजबूर हैं खुले में शौच को, सम्मान खतरे में”

सीधी, मध्यप्रदेश।
ग्राम पंचायत बभनी की दर्जनों आदिवासी महिलाएं मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय सीधी में जनसुनवाई के दौरान पहुँचीं और अपनी व्यथा जिला पंचायत सीईओ अंशुमान राज के समक्ष रखी। महिलाओं ने बताया कि गांव में शौचालयों की भारी कमी है और जो बने हैं, वे या तो कागजों पर हैं या पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप,
महिला राजकली अहिरवार ने कहा कि उन्हें आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व उनका वीडियो बनाते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी अस्मिता और सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
पूर्व सरपंच-सचिव पर गड़बड़ी का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच और सचिव ने शौचालय निर्माण योजना में भारी भ्रष्टाचार किया। सरकारी दस्तावेजों में दर्ज 500 शौचालयों की वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय है – अधिकांश टूट चुके हैं या उपयोग लायक नहीं हैं।
प्रशासन ने दिए जांच और निर्माण के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ अंशुमान राज ने भरोसा दिलाया कि जो भी परिवार शौचालय बनवाना चाहते हैं, उन्हें सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने जल्द ही सार्वजनिक शौचालय बनवाने का आश्वासन भी दिया।
गांव की गरिमा और महिलाओं की सुरक्षा अब प्रशासनिक जिम्मेदारी के हवाले है।