टूटती सड़कें, टूटती उम्मीदें: बगइहा टोला की गर्भवती महिलाएं सड़क विहीन संकट में फंसीं
खड्डी खुर्द गांव से जुड़ा बगइहा टोला इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव का गंभीर उदाहरण बन चुका है। यहां की एकमात्र बस सेवा सड़क खराब होने के कारण बंद हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी बदतर हो गई है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन तक चलना मुश्किल हो गया है।
बगइहा टोला की हालत और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यहां इस समय तीन महिलाएं गर्भवती हैं। इनमें से कभी भी किसी को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांव से 5 किलोमीटर दूर स्थित है।
बरसात के मौसम में तो स्थिति और विकराल हो जाती है। गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। एंबुलेंस वाले 2 किलोमीटर दूर डामर रोड पर खड़े हो जाते हैं, और पीड़ित महिलाओं को खेत-खलिहान के बीच से ट्रैक्टर पर लादकर वहां तक पहुंचाया जाता है — यह मंजर किसी त्रासदी से कम नहीं होता।
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए। गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, या फिर किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मेडिकल सुविधा गांव तक पहुंचाई जाए।
बगइहा टोला की पुकार: क्या कोई सुनेगा?
> “हमारे गांव की महिलाएं न किसी योजना का लाभ पा रही हैं, न ही सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था है। सड़क नहीं, तो जिंदगी नहीं। कृपया हमारी मदद कीजिए।” – एक स्थानीय महिला की मार्मिक अपील।
अब सवाल यह है — क्या प्रशासन नींद से जागेगा? या फिर कोई अनहोनी घटना ही चेतावनी बनेगी?