विकसित कृषि संकल्प अभियान में खरीफ फसलों की खेती के लिए किसानों को दी जा रही वैज्ञानिक सलाह,

सीधी 09 जून 2025
सीधी जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान (29 मई से 12 जून 2025) के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सीधी एवं कृषि अधिकारियों के द्वारा खरीफ फसलों की खेती के लिए किसानों को वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है।
जहां पहले दल द्वारा सीधी विकासखंड में पनवार चौहान, बंजारी, बघवारी,
दूसरे दल द्वारा सीधी विकासखंड में कमर्जी, पटपरा, पटेहराकला,
तीसरे दल द्वारा मझौली में मड़वास, अमहिया तथा चंदोहीडोल में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
खरीफ फसलों की खेती के लिए वैज्ञानिक सलाह अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि उपज की मात्रा और गुणवत्ता में वृद्धि हो। खरीफ फसलें जैसे धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, मूंगफली, और कपास, मुख्य रूप से मानसून के मौसम (जून से अक्टूबर) में बोई जाती हैं। सबसे पहले उन्नत और रोगरोधी बीजों का चयन करें, जो स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हों। मिट्टी की उर्वरता जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) का उपयोग करें और जैविक खाद, जैसे कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट, को प्राथमिकता दें। बीजों को बोने से पहले उपचारित करें ताकि कीटों और रोगों से बचाव हो। सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भरता के साथ-साथ ड्रिप या स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, जो जल संरक्षण में सहायक हैं। खरपतवार नियंत्रण के लिए समय पर निराई-गुड़ाई करें या जैविक/रासायनिक खरपतवारनाशकों का उचित उपयोग करें। कीट प्रबंधन के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीकों, जैसे फेरोमोन ट्रैप या जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें। फसल चक्र अपनाएं ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और रोगों का खतरा कम हो। अंत में, नियमित निगरानी और कृषि विशेषज्ञों की सलाह से फसल की पैदावार और गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अन्तर्गत दिनांक 10.06.2025 को पहले दल द्वारा सीधी विकासखंड में चौफाल कोठार, चौफाल पवाई, खाम्ह, दूसरे दल द्वारा सीधी विकासखंड में पटेहराखुर्द, नेबुहा, गांधीग्राम एवं तीसरे दल द्वारा मझौली विकासखंड में दादर, पथरौला तथा गिजवार में कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।