शिक्षकों से छीनी छुट्टियां, मध्य प्रदेश के शिक्षकों में भीतर ही भीतर पनप रहा भारी आक्रोश

सीधी से विनय त्रिपाठी की रिपोर्ट,,
सीधी- मध्य प्रदेश में छुट्टियों को लेकर स्कूल शिक्षकों के भीतर ही भीतर पनप रहा है नाराजगी भरा भारी आक्रोश । मध्य प्रदेश शिक्षक संघ द्वारा शिक्षा मंत्री, सचिव और स्कूल शिक्षा आयुक्त को इस संबंध में पत्र भेज कर फिलहाल निवेदन किया गया है कि शिक्षकों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह छुट्टियों का लाभ आवश्यक रूप से हर हाल में दिया जाए।
तथा साथ ही अर्जित अवकाश को भी शीघ्र बहाल किया जाए जिससे शिक्षकों को भी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। पत्र में इस बात का हवाला दिया गया है कि शिक्षकों को साल भर में मात्र 118 दिनों की ही छुट्टी ही मिलती है जबकि अन्य विभागों को 173 दिन की छुट्टी मिलती है ।
इस पत्र में यह भी बताया गया है कि उन्हें अन्य विभागों की तुलना में बहुत कम छुट्टियां दी जा रही है जो उनके कार्यभार के अनुपात में सर्वथा अनुचित है।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर छत्रवीर सिंह राठौर द्वारा पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को वार्षिक तौर पर औसतन केवल 118 दिन का ही अवकाश मिलता है
जिसमें ग्रीष्म अवकाश भी शामिल है। जबकि वहीं मंत्रालय और अन्य सरकारी दफ्तर में कार्यरत कर्मचारियों की 173 दिन तथा बैंक कर्मचारियों को 145 दिन का अवकाश मिल रहा है।
जिसका अंतर लगभग 55 दिनों का है। जिसको लेकर शिक्षक मानते हैं कि सरकार द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश शिक्षकों का गुस्सा केवल छुट्टियों तक ही सीमित नहीं रहा है उनके द्वारा पत्र में यह भी लिखा गया है कि उनकी ड्यूटी सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं रहती उन्हें साल भर अलग-अलग अतिरिक्त कार्यों का बोझ लाद दिया जाता है। जिन में जनगणना कार्य, विभिन्न स्तर की चुनावी ड्यूटी, लाड़ली लक्ष्मी योजना का सत्यापन, गरीबी रेखा सर्वेक्षण, वोटर लिस्ट का अपडेट सहित अन्य कार्य भी शामिल हैं।
भेजे गए पत्र में यह भी लिखा गया है कि इन सभी कामों में सहभागिता के बावजूद भी शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि सन 2008 में इस संबंध में आदेश भी जारी हुआ था। और तो और ग्रीष्मावकाश में भी 15 दिन के छुट्टी की कटौती कर दी गई है। छुट्टियों को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षकों में बढ़ता नाराजगी और आक्रोश साफ तौर पर देखा जा सकता है।