नाबालिग चालकों ने बना दी सीधी की सड़कें मौत का ट्रैक! हर दिन बढ़ रहे हादसे, बेकसूरों की जा रही जान”

सीधी,दिनांक, 13.052025
“टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर पर फर्राटा भरते नाबालिग, कानून ताक पर – पुलिस-प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में”
सीधी (म.प्र.)। जिले की सड़कों पर बेतरतीब फर्राटा भरते नाबालिग वाहन चालक अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर की स्टेरिंग जब नासमझ हाथों में होती है, तो उसका अंजाम दर्दनाक हादसों में बदलता है। बीते कुछ महीनों में जिले में सड़क हादसों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है — और हैरानी की बात यह है कि इनका एक बड़ा हिस्सा नाबालिग चालकों से जुड़ा है।
परिजनों की लापरवाही, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और प्रशासन की ढील की वजह से स्थिति बेकाबू होती जा रही है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ियों पर सवार नाबालिग ना सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि मासूम राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।
पिछले महीने करीब दर्जनभर मामूली व गंभीर सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कई नाबालिग शामिल पाए गए।
प्रशासन की चुप्पी:
स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की सुस्ती भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है। न तो चेकिंग अभियान चल रहे हैं, न ही स्कूलों या मोहल्लों में जागरूकता अभियान। परिजन भी बच्चों को आधुनिक गाड़ियाँ देकर उन्हें ‘स्टेटस सिंबल’ समझते हैं, जिसका नतीजा पूरे समाज को भुगतना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों की राय:
समाजसेवियों और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति तभी सुधरेगी जब सख्त कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों को भी कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाले दिन और भी भयावह हो सकते हैं। जरूरत है प्रशासनिक सख्ती, सामाजिक जागरूकता और परिजनों की जिम्मेदारी की।